Haryana News: हरियाणा में 12000 की रिश्वत लेते क्लर्क गिरफ्तार, विजिलेंस ने पकड़ा
Apr 22, 2025, 21:40 IST
Haryana News: हरियाणा के फरीदाबाद में एसीबी की फरीदाबाद टीम द्वारा आज दिनांक 22.4.2025 को आरोपी राजेश कुमार वशिष्ठ, मुख्य पंजीकरण क्लर्क कार्यालय जिला राजस्व अधिकारी, लघु सचिवालय, फरीदाबाद को शिकायतकर्ता से 12,000/-रूपये (बारह हजार रूपये) नकद रिश्वत राशी लेते हुये लघु सचिवालय, सैक्टर-12, फरीदाबाद से रंगे हाथो गिरफतार किया गया है तथा आरोपी के विरूद्व अभियेाग संख्या 11 दिनांक 22.4.2025 धारा 7 पी.सी. एक्ट 1988 के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, फरीदाबाद में दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता ने एसीबी फरीदाबाद को दी गई अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उसकी बहन यू.एस.ए. में रहती है। उसके नाम आर्य नगर ,फरीदाबाद में एक मकान है। जिसकी देख-रेख हेतू उसकी बहन उसके नाम पर मकान की जी.पी.ए. करवा रही है। इसके लिए उसने यू.एस.ए. से जी.पी.ए. की सारी कार्यवाही करके दस्तावेज उसके पास डाक के माध्यम से जनवरी 2025 में भेजे। उसने जी.पी.ए. के दस्तावेज अपनी दरखास्त के साथ डी.सी. कार्यालय, सैक्टर-12, फरीदाबाद मंे जमा करवायेे। उपायुक्त कार्यालय फरीदाबाद द्वारा जी.पी.ए सम्बन्धित दस्तावेजो को डी.आर.ओ. कार्यालय में भेज दिया गया। डी.आर.ओ. कार्यालय में तैनात कर्मचारी राजेश कुमार वशिष्ठ, क्लर्क द्वारा जी.पी.ए का कार्य करने की एवज में उससे 15,000/-रू. हजार रू बतौर रिश्वत की मांग की गई। जब उसके द्वारा इतने पैसे न होने बारे आरोपी को बताया गया तो आरोपी द्वारा उसको कहा गया कि डी.आर.ओ. नही मानेंगे। उसके बार-2 अनुरोध करने उपरान्त आरोपी राजेश कुमार वशिष्ठ, क्लर्क द्वारा 12,000/-रू. रिश्वत लेने बारे सहमति दी गई है। यह पूरी कार्यवाही स्वतन्त्र गवाहों के समक्ष पूरी पारदर्शिता के साथ की गई।
शिकायतकर्ता ने एसीबी फरीदाबाद को दी गई अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उसकी बहन यू.एस.ए. में रहती है। उसके नाम आर्य नगर ,फरीदाबाद में एक मकान है। जिसकी देख-रेख हेतू उसकी बहन उसके नाम पर मकान की जी.पी.ए. करवा रही है। इसके लिए उसने यू.एस.ए. से जी.पी.ए. की सारी कार्यवाही करके दस्तावेज उसके पास डाक के माध्यम से जनवरी 2025 में भेजे। उसने जी.पी.ए. के दस्तावेज अपनी दरखास्त के साथ डी.सी. कार्यालय, सैक्टर-12, फरीदाबाद मंे जमा करवायेे। उपायुक्त कार्यालय फरीदाबाद द्वारा जी.पी.ए सम्बन्धित दस्तावेजो को डी.आर.ओ. कार्यालय में भेज दिया गया। डी.आर.ओ. कार्यालय में तैनात कर्मचारी राजेश कुमार वशिष्ठ, क्लर्क द्वारा जी.पी.ए का कार्य करने की एवज में उससे 15,000/-रू. हजार रू बतौर रिश्वत की मांग की गई। जब उसके द्वारा इतने पैसे न होने बारे आरोपी को बताया गया तो आरोपी द्वारा उसको कहा गया कि डी.आर.ओ. नही मानेंगे। उसके बार-2 अनुरोध करने उपरान्त आरोपी राजेश कुमार वशिष्ठ, क्लर्क द्वारा 12,000/-रू. रिश्वत लेने बारे सहमति दी गई है। यह पूरी कार्यवाही स्वतन्त्र गवाहों के समक्ष पूरी पारदर्शिता के साथ की गई।