Rajasthan: राजस्थान में इस जगह बनेगा सफारी के लिए चीता कॉरिडोर, इन जिलों को मिलेगा बड़ा फायदा
Jun 24, 2025, 13:22 IST
Rajasthan: राजस्थान वालों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। Rajasthan के कोटा जिले के रावतभाटा की जवाहरनगर पंचायत से सटे MP के गांधीसागर अभयारण्य में दक्षिणी अफ्रीका से लाए चीते छोड़े जाएंगे। जिससे रावतभाटा भैंसरोडगढ़ वन्य जीव अभयारण्य में जल्द चीता कॉरिडोर योजना बनने की प्रक्रिया पूरी तरह से तेज होगी। चीतों का कॉरिडोर जानकारी के मुताबिक, रावतभाटा के घास के मैदानों में चीतों का कॉरिडोर बनने के बाद चीतों का मूवमेंट होगा। Rajasthan News मिली जानकारी के अनुसार, कॉरिडोर बनने से क्षेत्र में जंगल सफारी के साथ पर्यटन बढ़ेगा और लोगों को पर्यटकों से कमाई भी होगी। गांधीसागर से रावतभाटा व मुकुंदरा तक चीतों को छलांग लगाते देखना संभव हो सकेगा। Rajasthan News जानकारी के मुताबिक, रावतभाटा-गांधीसागर मार्ग और जवाहर नगर क्षेत्र घने घास के मैदानों में चीता संरक्षण और उनके विचरण का अनुकूल माहौल बनेगा। Rajasthan News बनेगा कॉरिडोर मिली जानकारी के अनुसार, 17 हजार वर्ग किलोमीटर का MP, Rajasthan व UP के बीच चीता कॉरिडोर बनना है। इसमें 6500 KM करीब एरिया Rajasthan के कॉरिडोर का है, जिसमें कोटा संभाग के चारों जिलों कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ के साथ सवाईमाधोपुर, करौली और चित्तौड़गढ़ जिले का रावतभाटा भी शामिल है। कूनो-गांधीसागर लैंडस्केप मार्क में 17 हजार वर्ग KM क्षेत्र में किया है। Rajasthan News जानकारी के मुताबिक, इसमें MP में 10 हजार 500 वर्ग KM और Rajasthan में 6500 वर्ग KM क्षेत्र को शामिल किया है। Rajasthan सीमा के भीतर कूनो-गांधीसागर चीता लैंडस्केप में चित्तौड़गढ़ जिले के प्रादेशिक वनमंडल के अधीन वनक्षेत्र और वन्य जीव वनमंडल के अंतर्गत बस्सी, भैंसरोडगढ़ सेंचुरी को शामिल किया है। Rajasthan News मिली जानकारी के अनुसार, इन जिलों में मुकंदरा, रामगढ़, रणथम्भौर, घड़ियाल, शेरगढ़ समेत अन्य सेंचुरी भी आ रहे हैं।
