Budget 2026: आज से महंगे हुए तंबाकू उत्पाद: सिगरेट, पान-मसाला और बीड़ी के बढ़े दाम, जानें नई दरें
जीएसटी परिषद द्वारा घोषित नई कर व्यवस्था के तहत अन्य वस्तुओं पर संशोधित दरें पहले ही लागू हो चुकी थीं, लेकिन तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों पर नई दरें आज से प्रभाव में आई हैं। सरकार का उद्देश्य इन हानिकारक उत्पादों के सेवन को हतोत्साहित करना और स्वास्थ्य सुरक्षा को बढ़ावा देना बताया जा रहा है।
किन उत्पादों पर कितना बढ़ा शुल्क
नई व्यवस्था के तहत बीड़ी, सिगरेट और हुक्का-चुरुट में इस्तेमाल होने वाले तंबाकू पर उत्पाद शुल्क 64% से बढ़ाकर 70% कर दिया गया है। तंबाकू के अपशिष्ट पर शुल्क 50% से बढ़ाकर 60% कर दिया गया है।
सिगार, चुरुट और सिगरिलोज पर उत्पाद शुल्क 12.5% या प्रति हजार 4,006 रुपये से बढ़ाकर 25% या प्रति हजार 5,000 रुपये कर दिया गया है।
बिना फिल्टर वाले सिगरेट पर भी भारी बढ़ोतरी हुई है:
65 मिमी तक: 200 रुपये प्रति हजार से बढ़ाकर 2,700 रुपये प्रति हजार
65–70 मिमी: 250 रुपये प्रति हजार से बढ़ाकर 4,500 रुपये प्रति हजार
फिल्टर वाले सिगरेट पर, जो अभी लंबाई के आधार पर 440 से 735 रुपये प्रति हजार के बीच था, उसे बढ़ाकर 3,000 से 11,000 रुपये प्रति हजार स्टिक तक कर दिया गया है।
चबाने वाले तंबाकू और जर्दा पर बड़ा झटका
चबाने वाले तंबाकू और जर्दा पर कर की दर 25% से बढ़ाकर 100% कर दी गई है। तंबाकू के विकल्प वाले उत्पादों पर भी शुल्क में उल्लेखनीय वृद्धि लागू हुई है। इससे इन उत्पादों की खुदरा कीमतों में तेज बढ़ोतरी की संभावना है।
जीएसटी दरें भी बढ़ीं
नई व्यवस्था के तहत:
बीड़ी पर जीएसटी दर 18% रखी गई है
पान-मसाला, विनिर्मित तंबाकू, सिगार, चुरुट, सिगारिलो और सिगरेट पर जीएसटी 40% लागू होगा
इसके साथ ही पान-मसाला उत्पादन इकाइयों पर विशेष उपकर भी लागू किया गया है। यह उपकर मशीनों की उत्पादन क्षमता और पैकेजिंग व्यवस्था के आधार पर लिया जाएगा। हाथ से पैकिंग करने वाली इकाइयों पर भी निश्चित उपकर लगेगा।
हर सिगरेट स्टिक पर बढ़ा अतिरिक्त शुल्क
बाजार अध्ययन एजेंसी क्रिसिल के अनुसार, आज से हर सिगरेट स्टिक पर 2.05 रुपये से 8.5 रुपये तक अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगेगा।
65 मिमी से छोटी सिगरेट: 2.05 से 2.10 रुपये प्रति स्टिक
65 मिमी से बड़ी सिगरेट: 3.6 से 8.5 रुपये प्रति स्टिक
कंपनियां कीमत बढ़ोतरी का कुछ बोझ खुद भी उठा सकती हैं, खासकर छोटे साइज की सिगरेट श्रेणी में, क्योंकि इस वर्ग के ग्राहक कीमत के प्रति अधिक संवेदनशील माने जाते हैं।
बिक्री पर क्या पड़ेगा असर
क्रिसिल का अनुमान है कि बढ़े हुए कर और शुल्क के कारण अगले वित्त वर्ष में सिगरेट की बिक्री में 6% से 8% तक गिरावट आ सकती है। हालांकि कंपनियों का परिचालन लाभ कुछ घट सकता है, फिर भी उद्योग का समग्र स्तर स्थिर रहने की संभावना जताई गई है।
आज से लागू नई कर दरों के बाद तंबाकू उत्पादों की कीमतों में स्पष्ट बढ़ोतरी होगी। सरकार इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, जबकि बाजार में इसका असर मांग और बिक्री के आंकड़ों में देखने को मिलेगा।
