हरियाणा किसानों के लिए बड़ी खबर: पराली जलाने पर सख्त एक्शन, एडवाइजरी जारी
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के उपायुक्त (DC) डॉ. विवेक भारती ने किसानों के लिए एक जरूरी एडवाइजरी जारी की है। सोमवार को जारी इस अपील में उन्होंने रबी फसलों की कटाई के बाद पराली जलाने से होने वाले नुकसान पर जोर दिया और इसके विकल्प सुझाए। यह खबर किसानों के लिए बेहद अहम है, क्योंकि इसमें पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के उपाय भी शामिल हैं।
पराली जलाने से पर्यावरण और मिट्टी को नुकसान
DC ने कहा कि रबी फसलों की कटाई के बाद कई किसान पराली को जला देते हैं, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ता है। इससे कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें हवा में फैलती हैं। साथ ही, मिट्टी में मौजूद लाभकारी बैक्टीरिया, कीट और सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता कम होती है। उन्होंने किसानों से अपील की कि पराली को जलाने के बजाय खेतों में मिलाकर गहरी जुताई करें।
हरियाणा में सख्त चेतावनी: जुर्माना और सजा का प्रावधान
डॉ. विवेक भारती ने साफ चेतावनी दी कि अगर कोई किसान पराली जलाते पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। वायु एवं प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 के तहत जुर्माने और सजा दोनों का प्रावधान है। यह कदम न सिर्फ पर्यावरण को बचाने के लिए है, बल्कि किसानों को बेहतर खेती के तरीकों की ओर प्रेरित करने के लिए भी उठाया गया है।
मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने का आसान तरीका
DC ने किसानों को सलाह दी कि फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उन्हें मिट्टी में मिलाएं और मशीनों से गहरी जुताई करवाएं। इससे मिट्टी में कार्बनिक तत्वों और बैक्टीरिया की मात्रा बढ़ेगी, जो इसे ज्यादा उपजाऊ बनाएगी। यह तरीका न केवल पर्यावरण के लिए सुरक्षित है, बल्कि लंबे समय तक खेती की पैदावार को भी बेहतर करता है।
सरकार दे रही मशीनों पर सब्सिडी
किसानों की मदद के लिए सरकार सुपर सीडर, जीरो टिलेज मशीन, स्ट्रा चॉपर और हैप्पी सीडर जैसी आधुनिक मशीनों पर सब्सिडी दे रही है। DC ने बताया कि इन मशीनों का इस्तेमाल कर पराली का प्रबंधन आसानी से किया जा सकता है, जिससे जलाने की जरूरत ही न पड़े।
क्यों है ये खबर खास?
यह एडवाइजरी न सिर्फ किसानों के लिए उपयोगी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी की सेहत के लिए भी जरूरी कदम है। कीवर्ड्स जैसे "पराली प्रबंधन", "महेंद्रगढ़ DC एडवाइजरी", "रबी फसल 2025" और "वायु प्रदूषण नियंत्रण" इसे गूगल डिस्कवर पर ट्रेंडिंग बनाते हैं। किसानों से अपील है कि वे इन निर्देशों का पालन करें और खेती को टिकाऊ बनाएं।
