Expressway AI Traffic System : केंद्र सरकार के सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी लोगों को बेहतर यतायात सुविधा देने के लिए लगातार एक्सप्रेसवे, हाईवे और सड़कों का निर्माण कर रही है। लोगों को बेहतर रोड सुविधा देने के लिए सरकार द्वारा ये प्रयास किये जा रहे हैं। इस बीच, इन एक्सप्रेसवे पर यातायात नियमों के अनुपालन को लेकर भी सख्ती बरती जा रही है। बता दें कि दिल्ली के द्वारका एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक नियमों का पालन अब और भी सख्ती से होगा।
एक्सप्रेसवे पर लगाया AI ट्रैफिक सिस्टम
इस एक्सप्रेसवे पर भारत का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बेस्ड ट्रैफिक सिस्टम लगाया गया है, जिसका उद्देश्य रोड सेफ्टी को बढ़ाना और ट्रैफिक नियमों को सख्ती से लागू करना है। यह सिस्टम कैमरों और सेंसर की मदद से रियल-टाइम में ट्रैफिक पर नजर रखेगा। नियम तोड़ने वालों की जानकारी तुरंत ट्रैफिक पुलिस के पास पहुंच जाएगी। इंडियन हाइवेज मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (IHMCL) ने इस सिस्टम को बनाया है और नैशनल हाइवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) इसकी देखरेख कर रही है। इसके साथ ही सरकार ने फ्लाईओवर और सुरंग वाले रास्तों पर टोल टैक्स भी कम कर दिया है।
जानें AI सिस्टम कैसे करेगा काम
द्वारका एक्सप्रेसवे पर AI बेस्ड ट्रैफिक सिस्टम कैमरों और सेंसर की मदद से काम करेगा। यह रियल-टाइम में ट्रैफिक पर नजर रखेगा। अगर कोई नियम तोड़ता है, तो उसकी खबर तुरंत ट्रैफिक पुलिस को मिल जाएगी। यह सिस्टम NH-48 के 28 किलोमीटर लंबे हिस्से पर भी काम करेगा। यह हिस्सा शिव मूर्ति से खेड़की दौला तक है। इस तरह कुल 56.46 किलोमीटर का एक डिजिटल ट्रैफिक मैनेजमेंट कॉरिडोर बन गया है। सबसे खास बात यह है कि द्वारका एक्सप्रेसवे पर लगे एआई कैमरे 14 तरह के ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का पता लगा सकेंगे, ऐसे में आप अगर किसी प्रकार की गलती करते हैं तो बच नहीं पाएंगे।
हाई रिजॉल्यूशन वाले कैमरे करेंगे निगरानी
इस AI-बेस्ड सिस्टम में कई चीजें हैं। इसमें हाई-रिजॉल्यूशन PTZ कैमरे लगे हैं। ये कैमरे हर चीज को बहुत बारीकी से दिखाते हैं। इससे ट्रैफिक पुलिस को सड़क पर होने वाली हर गतिविधि की जानकारी मिलेगी। वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम (VIDES) भी है, जो सड़क पर होने वाली घटनाओं को रिकॉर्ड करता है। इससे रोड एक्सिडेंट होने पर तुरंत पता चल जाएगा। इसके अलावा वीइकल-एक्चुएटेड स्पीड डिस्प्ले भी हैं, जो गाड़ियों की स्पीड दिखाते हैं। इससे लोगों को अपनी स्पीड का पता चलेगा और वे धीरे गाड़ी चलाएंगे। वेरिएबल मैसेज साइनबोर्ड भी लगे हैं, जिनपर ट्रैफिक से जुड़ी जानकारी लिखी होती है। इन सब चीजों के अलावा एक सेंट्रल कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जो कि लोकल कंट्रोल रूम और नैशनल इमरजेंसी रिस्पॉन्स सर्विस से जुड़ा हुआ है।