8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए Good News, 78,800 से सीधे ₹1.90 लाख तक सैलरी?
दशकों पुराने वेतन फार्मूले में बदलाव की मांग
सरकारी कर्मचारियों का न्यूनतम सैलरी तय करने के लिए 1956 के 15वें भारतीय श्रम सम्मेलन में अपनाए गए फार्मूले का यूज किया जाता है। इस मॉडल को “थ्री फैमिली यूनिट” मॉडल कहा जाता है।
इस फार्मूले के अनुसार वेतन की गणना करते समय एक परिवार में सिर्फ तीन सदस्य माने जाते हैं—
कर्मचारी
उनका जीवनसाथी
एक बच्चा
लेकिन कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यह मॉडल अब पुराना और अव्यावहारिक हो चुका है और आज के परिवारों की वास्तविक जरूरतों को नहीं दर्शाता।
परिवार के सदस्यों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव
कर्मचारी यूनियनों की डिमांड है कि परिवार के सदस्यों की संख्या 3 से बढ़ाकर 5 कर देनी चाहिए। उनका कहना है आज के समय बढ़ती महंगाई, बुजु्र्ग माता-पिता की देखभार और 1 से ज्यादा बच्चों की जिम्मेदावारी को देखते हुए पुराना फार्मूला पर्याप्त नहीं है।
सैलरी में कैसे हो सकती है बढ़ोतरी
विशेषज्ञों की मानें तो वेतन गणना में परिवार के सदस्यों की संख्या में बढ़ोत्तरी से न्यूनतम बेसिक सैलरी में इजाफा हो सकता है। नियमों के मुताबिक हर अतिरिक्त फैमिली यूनिट जोड़ने पर बेसिक सैलरी में लगभग 33.33 फीसदी तक बढ़ोत्तरी हो सकती है। अगर परिवार ईकाई को 3 से बढ़ाकर 5 किया जा सकता है।
