पंजाब में 85 हजार मुलाजिमों को 60% DA मिलेगा:मंत्री अरोड़ा बोले- CM के साइन बाकी

 

 

पंजाब में 85 हजार कर्मचारियों को 60 फीसदी DA मिलेगा। शुक्रवार को चंडीगढ़ में कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार नए भर्ती मुलाजिमों को बड़ा तोहफा देने जा रही है। पंजाब में लंबे समय से दो पे-स्केल चलते रहे हैं, जिस वजह से विवाद बना रहता है।

उन्होंने कहा कि एक पंजाब का बेसिक पे-स्केल है, जो केंद्र के पे-स्केल से 30 से 70 प्रतिशत अधिक है। जब इसमें डीए जुड़ जाता है तो यह केंद्रीय पे-स्केल से और अधिक हो जाता है। वर्तमान में डीए 42 प्रतिशत है।

मंत्री ने कहा कि 17 जुलाई 2020 को कांग्रेस सरकार ने फैसला लिया था कि इसके बाद जो भी नए मुलाजिम भर्ती किए जाएंगे, उन्हें पंजाब के पे-स्केल के बजाय केंद्र सरकार के पे-स्केल पर रखा जाएगा। हमारी सरकार ने 71 हजार मुलाजिमों को नौकरी दी है। कुल मिलाकर करीब 85 हजार मुलाजिमों को नौकरियां मिली हैं। ये सभी केंद्रीय बेसिक पे-स्केल पर हैं।

उन्होंने कहा कि अब इन मुलाजिमों को पंजाब सरकार के मौजूदा 42 प्रतिशत डीए के बजाय केंद्र सरकार की तर्ज पर 60 प्रतिशत डीए दिया जाएगा। कैबिनेट कमेटी यह फैसला सीएम साहब को भेजने जा रही है। अब सीएम इस पर फैसला लेंगे।

बता दें कि डीए को लेकर मुलाजिमों और पंजाब सरकार के बीच पहले ही तकरार चल रही है। कर्मचारियों और पेंशनरों का कई वर्षों से DA बकाया है। इसके लिए हाईकोर्ट ने भी पंजाब सरकार को 15 दिन में 14191 करोड़ रुपए की बकाया राशि देना का ऑर्डर दिया। जिसके खिलाफ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

चीमा ने कहा था- पंजाब में कर्मचारियों की सैलरी ज्यादा

इससे पहले गुरुवार को कैबिनेट सब-कमेटी के सदस्यों हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा और बलजीत कौर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। हरपाल चीमा ने कहा था कि पंजाब के सरकारी कर्मचारी देश में सबसे ज्यादा वेतन पाने वाले कर्मचारियों में शामिल हैं। उनके मुताबिक बेसिक पे और DA को मिलाकर पंजाब के कर्मचारियों का वेतन हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से ज्यादा है।

गुजरात से करीब 28% ज्यादा वेतन का दावा

चीमा ने दावा किया कि गुजरात के कर्मचारियों की तुलना में पंजाब के सरकारी कर्मचारियों को करीब 28% ज्यादा वेतन मिल रहा है। सरकार ने यह आंकड़ा कर्मचारियों को दिए जा रहे कुल वेतन और DA के आधार पर रखा है।

राजस्व का 51% कर्मचारियों-पेंशनरों पर खर्च

सरकार के मुताबिक पंजाब अपने कुल राजस्व का करीब 51% हिस्सा कर्मचारियों और पेंशनरों के वेतन व पेंशन पर खर्च करता है। चीमा ने इसे देश में सबसे ज्यादा बताया। अन्य राज्यों में यह औसतन करीब 38% है।

नवंबर 2024 में DA बढ़कर 42% हुआ था

पंजाब सरकार ने नवंबर 2024 में कर्मचारियों का DA बढ़ाकर 42% किया था। अब केंद्र के बराबर DA देने का प्रस्ताव खास तौर पर 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों के लिए चर्चा में है। सरकार की मंजूरी के बाद ही यह साफ होगा कि प्रस्ताव किस रूप में लागू किया जाएगा।

बकाया डीए मामले में अब तक क्या-क्या हुआ, जानिए...

  • कई वर्षों से DA की किस्तें पेंडिंग: पंजाब सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों का कई वर्षों से DA बकाया है। बार-बार ज्ञापन और आश्वासन के बावजूद भुगतान नहीं हुआ, जिसके बाद कर्मचारियों ने प्रदर्शन शुरू किए और मामला हाईकोर्ट पहुंचा।
  • सिंगल बेंच ने कर्मचारियों के पक्ष में फैसला दिया: कर्मचारियों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुनवाई के बाद सिंगल बेंच ने सरकार को तय समय में DA का भुगतान करने के निर्देश दिए।
  • डबल बेंच ने 15 हजार करोड़ देने का आदेश दिया: सरकार ने सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ LPA दायर की, लेकिन डबल बेंच से भी राहत नहीं मिली। कोर्ट ने 15 दिनों में करीब 15 हजार करोड़ रुपए का बकाया DA देने का आदेश दिया।
  • साझा मुलाजिम मंच ने केविएट दाखिल की: डबल बेंच के फैसले के बाद कर्मचारियों में खुशी हुई। वहीं, पंजाब साझा मुलाजिम मंच ने सुप्रीम कोर्ट में पहले ही केविएट दाखिल कर दी, ताकि सरकार को एकतरफा स्टे न मिल सके।
  • सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में SLP दायर की: 15 दिनों में भुगतान के आदेश के बीच पंजाब सरकार ने वित्तीय असमर्थता का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल की। सरकार का कहना है कि इतने कम समय में 15 हजार करोड़ रुपए जुटाना संभव नहीं है। अब मामले की अगली सुनवाई पर सबकी नजर है।