जन्माष्टमी पर जरूर करें इन 5 कृष्ण मंदिरों के दर्शन, मथुरा से केरल तक जुड़ी हैं खास मान्यताए

 
 जन्माष्टमी पर जरूर करें इन 5 कृष्ण मंदिरों के दर्शन, मथुरा से केरल तक जुड़ी हैं खास मान्यताए

 

हिंदू धर्म में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया जाता है। यह व्रत भगवान कृष्ण के जन्म का प्रतीक है। हिंदू पंचांग के मुताबिक भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कृष्ण जन्माष्टमी मनाया जाता है। इस साल कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व 4 सितंबर 2026 को मनाया जा रहा है।

भारतवर्ष में भगवान कृष्ण के कई अनेक भक्त हैं, जो नियमित रूप से उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। इसके अलावा भगवान श्रीविष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण हैं। ऐसा माना जाता है कि भगवान कृष्ण का जन्म मध्यरात्रि में हुआ था, इसलिए जन्माष्टमी की पूजा मध्यरात्रि के आसपास की जाती है।जन्माष्टमी के अन्य अनुष्ठानों में भक्त कृष्ण मंदिर जाकर प्रार्थना और पूजा-अर्चना करते हैं। भारत वर्ष में भगवान श्रीकृष्ण के कई प्रसिद्ध मंदिर हैं, जो जन्माष्टमी पर काफी खूबसूरत लगते हैं। आइए जानते हैं इन मंदिरों के बारे में।मथुरा में स्थित श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर
मथुरा में स्थित भगवान श्रीकृष्ण का मंदिर उस कारागार के चारों ओर बना है, जहां भगवान श्रीकृष्ण के माता-पिता, वासुदेव और देवकी को उनके मामा कंस ने बंदी बनाकर रखा था। इस परिसर में भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित अन्य मंदिर भी हैं जिन्हें जन्माष्टमी के मौके पर सजाया जाता है।बांके बिहारी मंदिर, वृंदावन उत्तर प्रदेश
बांके बिहारी मंदिर भगवान कृष्ण के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में शामिल हैं। यह वृंदावन के ठाकुर के सात प्रमुख मंदिरों में शामिल है। जन्माष्टमी के अवसर पर बांके बिहारी मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है और मंगल आरती में भी शामिल होते हैं।

गुजरात का द्वारकाधीश मंदिर

गुजरात में स्थित द्वारकाधीश मंदिर को जगत मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि, भगवान कृष्ण के परपोते व्रजनाथ ने 2500 साल से भी ज्यादा समय पहले स्थापित किया था।

यह मंदिर एक छोटी पहाड़ी पर बसा है और यहां तक पहुंचने के लिए भक्तों को 50 से ज्यादा सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है। जन्माष्टमी के दौरान मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है।

कर्नाटक के उडुपी में स्थित श्रीकृष्ण मंदिर

श्री कृष्ण मंदिर दक्षिण भारत का एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल है। ऐसा माना जाता है कि, यहां भगवान श्रीकृष्ण की सबसे सुंदर मूर्तियों में से एक विराजमान हैं, जिसे जन्माष्टमी के मौके पर काफी भव्यता के साथ सजाया जाता है। इस मंदिर में भक्त मूर्ति को सीधे नहीं देख सकते, बल्कि नवग्रह किटिकी या नौ छेदों वाली खिड़कियों के जरिए देख सकते हैं।

केरल का गुरुवयूर कृष्ण मंदिर

केरल में बसा है कृष्ण मंदिर जिसे दक्षिण भारत का द्वारका भी कहा जाता है। यह देश के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में शामिल है। माना जाता है कि यहां के मुख्य गर्भगृह का पुनर्निर्माण 1638 ईस्वी में कराया गया था। जन्माष्टमी के मौके पर इस मंदिर को अक्सर काफी सुंदर तरीके से सजाया जाता है।