8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में नए आंकड़ों के अनुसार एक बड़ा उछाल आने की संभावना है। 2.86 का फिटमेंट फैक्टर लागू होने से उनकी बेसिक सैलरी में इजाफा होगा, जिससे उन्हें अधिक वेतन मिलेगा। यह बदलाव लंबे समय से केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीदों का हिस्सा था, और अब यह उनके लिए बड़ी राहत लेकर आएगा। यह बदलाव वित्तीय वर्ष 2025-26 से लागू होने की संभावना है।
हाल ही में संसद में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए फिटमेंट फैक्टर बढ़ाकर 2.86 करने की मांग उठी है। वित्त मंत्री ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि इस संबंध में विचार किया जा रहा है। यदि यह वृद्धि लागू होती है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता (DA) में बढ़ोतरी होगी, जिससे उनकी कुल सैलरी में महत्वपूर्ण वृद्धि संभव है। यह कदम कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है। अधिक जानकारी के लिए, आप नीचे दिए गए वीडियो में संसद में इस विषय पर हुई चर्चा देख सकते हैं:
हाल ही में, आठवें वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है, और इस संदर्भ में फिटमेंट फैक्टर को लेकर चर्चा गर्म है। फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक है, जिसके माध्यम से केंद्रीय कर्मचारियों की मूल वेतन में वृद्धि की जाती है। पिछले कुछ वर्षों में, यह चर्चा रही है कि आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को 2.86 तक बढ़ाया जा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो कर्मचारियों की मूल वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। उदाहरण के लिए, सातवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जिससे कर्मचारियों की मूल वेतन में बढ़ोतरी हुई थी।
हालांकि, यह समझना महत्वपूर्ण है कि फिटमेंट फैक्टर का सीधा प्रभाव मूल वेतन पर होता है, और इससे ग्रॉस सैलरी में समानुपातिक वृद्धि नहीं होती। ग्रॉस सैलरी में अन्य घटक, जैसे महंगाई भत्ता (DA), भत्ते आदि शामिल होते हैं, जिनमें वृद्धि के लिए अलग-अलग मानदंड होते हैं। अत: फिटमेंट फैक्टर में वृद्धि से कर्मचारियों की मूल वेतन में बढ़ोतरी होगी, लेकिन ग्रॉस सैलरी में वृद्धि का प्रतिशत कम हो सकता है।
आठवें वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया अप्रैल 2025 में पूरी होने की संभावना है, और इसके बाद ही फिटमेंट फैक्टर और अन्य वेतन संबंधित निर्णयों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। कर्मचारी संगठनों और पेंशनभोगियों की उम्मीदें हैं कि इस बार वेतन आयोग उनके लिए एक सम्मानजनक वृद्धि लेकर आएगा, जिससे उनकी जीवनशैली में सुधार हो सके।