Govt Scheme : महिलाओं के लिए 3 धांसू सरकारी योजनाएं, लाभ उठाने पर हो जाएंगी मालामाल
1. PM मुद्रा लोन योजना
प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना उन महिलाओं के लिए एक बेहतरीन विकल्प है, जो अपना छोटा या मध्यम स्तर का व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं। इस योजना के तहत महिलाओं को अधिकतम 10 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है।
योजना को चार श्रेणियों में बांटा गया है :
शिशु लोन: 50,000 रुपये तक
किशोर लोन: 50,000 से 5 लाख रुपये तक
तरुण लोन: 5 लाख से 10 लाख रुपये तक
तरुण प्लस: उन्नत स्तर के व्यवसाय के लिए
इस योजना की खास बात यह है कि इससे शुरुआती पूंजी जुटाना आसान हो जाता है। लोन की ब्याज दर अलग-अलग बैंकों के अनुसार तय होती है, लेकिन यह भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के तहत होती है। महिलाएं इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं और इसका लाभ उठाकर अपने व्यवसाय को तेजी से आगे बढ़ा सकती हैं।
2. प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP)
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) उन महिलाओं के लिए है जो गांव या शहर में नया व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं। इस योजना के तहत सरकार प्रोजेक्ट की लागत पर 15% से 35% तक सब्सिडी देती है, जिससे शुरुआती खर्च का बोझ काफी कम हो जाता है।
इस योजना के तहत:
मैन्युफैक्चरिंग (उत्पादन) क्षेत्र में प्रोजेक्ट लागत 50 लाख रुपये तक हो सकती है
सर्विस या व्यापार क्षेत्र में 20 लाख रुपये तक का प्रोजेक्ट लिया जा सकता है
सब्सिडी की दर:
ग्रामीण क्षेत्रों में: 25% से 35%
शहरी क्षेत्रों में: 15% से 25%
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। साथ ही, स्वयं सहायता समूह (SHG) या सहकारी समिति से जुड़ाव भी जरूरी होता है। यह योजना खासतौर पर महिलाओं को नए बिजनेस अवसर देने और उनकी आय बढ़ाने में मदद करती है।
3. लखपति दीदी योजना
लखपति दीदी योजना विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं के लिए शुरू की गई है। इसका उद्देश्य महिलाओं को सालाना कम से कम 1 लाख रुपये की आय तक पहुंचाना है।
इस योजना के तहत महिलाओं को:
5 लाख रुपये तक का लोन
ब्याज में रियायत
विभिन्न क्षेत्रों में स्किल ट्रेनिंग
जैसे- कृषि, हस्तशिल्प, बैंकिंग और पर्यटन क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया जाता है। इससे महिलाएं नए कौशल सीखती हैं और अपनी आय बढ़ाने के नए अवसर प्राप्त करती हैं। इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला का स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ा होना आवश्यक है। यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपना खुद का व्यवसाय स्थापित करने के लिए प्रेरित करती है।