देशभर में फिर बढ़ेगा तापमान; लोगों को सताएगी अब गर्मी, लेकिन हीटवेव का खतरा नहीं
पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे उत्तर भारत के कई इलाकों में सर्दी जैसा एहसास बना रहा। इसके साथ ही देश में 40 डिग्री सेल्सियस तापमान का क्षेत्र कुछ ही क्षेत्रों मे दर्ज किया। जो केवल तेलंगाना और रायलसीमा के कुछ हिस्सों जैसे कडप्पा, नांद्याल, कुर्नूल, अनंतपुर, महबूबनगर और खम्मम तक ही सीमित रहा।
बारिश में आएगी कमी
आने वाले एक सप्ताह के दौरान देश में प्री-मानसून गतिविधियाँ कमजोर पड़ने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) कमजोर रहेंगे और उनका असर केवल पहाड़ी क्षेत्रों तक सीमित रहेगा। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश की तीव्रता और क्षेत्र अगले चार दिनों में घट जाएगा। अगले करीब 7 दिनों तक प्रायद्वीपीय भारत(peninsular India)में बनने वाली हवाओं की लाइन (विंड डिस्कॉन्टिन्यूटी/सीजनल ट्रफ) एक्टिव नहीं रहेगी, यानी इस दौरान मौसम में ज्यादा बदलाव या बारिश की संभावना कम होगी। महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ के मध्य हिस्सों में एंटी-साइक्लोनिक हवाओं का प्रभाव रहेगा, जिससे किसी बड़े मौसम बदलाव की संभावना नहीं होगी। इन सभी कारणों से देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान बढ़ने लगेगा।
हीटवेव का खतरा नहीं
अगले 3 से 5 दिनों में पूरे देश में पारा बढ़ेगा, हालांकि तापमान अभी भी सामान्य के आसपास या थोड़ा ही ऊपर रहेगा। सबसे ज्यादा तापमान बढ़ोत्तरी उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में होगी, इसके बाद पूर्वी राज्यों में असर दिखेगा। गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के आंतरिक हिस्से देश के सबसे गर्म क्षेत्र बन सकते हैं। वहीं, पश्चिमी तट (West Coast) पर तापमान और नमी दोनों बढ़ने का खतरा रहेगा। राहत की बात यह है कि अगले एक सप्ताह तक देश में हीट वेव (लू) चलने की संभावना नहीं है।