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देवेंद्र सिंह कल्याण की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों संग संवाद, शांतिपूर्ण चुनाव के लिए दिखाई सामूहिक प्रतिबद्धता

 
चंडीगढ़, 22 अप्रैल — हरियाणा राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री देवेंद्र सिंह कल्याण ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए आगामी चुनावों को लेकर कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग से चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से सफलतापूर्वक संपन्न कराया जाएगा। इस अवसर पर आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी भी साझा की गई।

 

आदर्श आचार संहिता के पालन पर जोर

 

उन्होंने बताया कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही 13 अप्रैल 2026 से आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है, जो चुनाव सम्पन्न होने तक लागू रहेगी। बैठक में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपेक्षा की गई कि वे आचार संहिता के प्रावधानों का पूर्ण सम्मान करते हुए चुनाव प्रक्रिया में सहयोग करें। आचार संहिता के तहत जाति या धर्म के आधार पर वोट मांगने, भ्रामक आरोप लगाने अथवा अन्य दलों की प्रचार सामग्री को नुकसान पहुंचाने से परहेज करने की बात कही गई।

 

शांतिपूर्ण चुनाव हेतु साझा जिम्मेदारी

 

श्री कल्याण ने आपसी सहयोग और पारदर्शिता पर बल देते हुए कहा कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किसी भी प्रकार के प्रलोभन, डराने-धमकाने या मतदान केंद्रों के समीप प्रचार से बचना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मतदान समाप्ति से 48 घंटे पूर्व जनसभाओं से परहेज रखने तथा मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में प्रचार न करने के नियमों का पालन करने पर भी सहमति व्यक्त की गई।

उन्होंने कहा कि रैलियों और जुलूसों के दौरान शांति एवं व्यवस्था बनाए रखना सभी दलों की साझा जिम्मेदारी है। बैठक में यह भी आग्रह किया गया कि किसी भी प्रकार के भड़काऊ प्रदर्शन, पुतला दहन या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियों से दूर रहकर सकारात्मक माहौल बनाए रखा जाए।

 

पारदर्शिता, जवाबदेही और जागरूकता पर फोकस

 

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने हरियाणा प्रीवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट, 1989 का उल्लेख करते हुए कहा कि सार्वजनिक संपत्ति की गरिमा बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है। इस संदर्भ में पोस्टर, बैनर आदि के माध्यम से संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने की अपील की गई और संबंधित प्रावधानों की जानकारी भी साझा की गई।

उन्होंने उम्मीदवारों द्वारा आपराधिक मामलों से संबंधित शपथ पत्र देने और उसे सार्वजनिक करने की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला। बैठक में बताया गया कि उम्मीदवारों को अपने आपराधिक मामलों की जानकारी समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के जरिए साझा करनी होती है तथा इसकी प्रतियां संबंधित उपायुक्त को उपलब्ध करानी होती हैं। इसी प्रकार राजनीतिक दलों द्वारा भी ऐसे उम्मीदवारों के संबंध में आवश्यक जानकारी अपनी वेबसाइट और अन्य माध्यमों पर प्रकाशित करने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया।

 

उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव में उम्मीदवारों के लिए व्यय सीमा निर्धारित की गई है, जिसका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। सभी उम्मीदवारों को अपने चुनावी खर्च का पूरा लेखा-जोखा निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत करना होगा और व्यय से संबंधित नियमों का उल्लंघन करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

उन्होंने आगे कहा कि सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में पेड न्यूज को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सभी दलों से अपेक्षा की गई कि वे सोशल मीडिया का जिम्मेदारी पूर्वक उपयोग करें और किसी भी प्रकार की भ्रामक या अवैध सामग्री के प्रसार से बचें।

 

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया कि वे आपसी सहयोग, विश्वास और सकारात्मक सहभागिता के साथ चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सफल बनाने में अपना योगदान दें।

 

इस अवसर पर राज्य निर्वाचन आयोग,हरियाणा के सचिव श्री गौरव कुमार सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे।