लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से समाज में आएगा क्रांतिकारी बदलाव -श्रुति चौधरी
चंडीगढ़, 11 अप्रैल - हरियाणा की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरगामी सोच के चलते महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने का बिल पारित होने जा रहा है, इससे देश की आबादी का जो 50 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं का है, वह सशक्त होगा। महिलाओं के नेतृत्व में समाज और अधिक समृद्धि तथा खुशहाल होगा।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी शनिवार को भिवानी में पत्रकारों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना एक ऐतिहासिक कदम है। इससे समाज में बड़ा ही सकारात्मक क्रांतिकारी बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि महिलाएं हर तरह में मजबूत हैं। महिलाओं ने हर मुकाम हासिल किया है। नासा में भी अपना परचम फहराया आया है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को भी इस बिल का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे पहले महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के नाम पर केवल बातें होती रही, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी इसको वास्तविक स्वरूप दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में केंद्र और प्रदेश सरकार महिलाओं के उत्थान के लिए अनेक तरह की योजनाएं लेकर आई है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान से न केवल देश में लिंगानुपात में रचनात्मक सुधार हुआ है बल्कि समाज में भी महिलाओं को उचित स्थान मिल रहा है। आज महिलाएं पंचायत से लेकर लोकसभा तक जनता का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। देश की बुलंद आवाज बन रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति मान और सम्मान हर जगह जरूरी है। उन्होंने कहा कि जागरूकता अभियान का लोगों के मानसिक पटल पर बड़ा सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
जनता की हर आवाज़ का होगा समाधान- शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा
शिकायत नहीं, समाधान का केंद्र बना ‘श्याम कमल’ कार्यालय
व्यक्तिगत समस्याओं पर भी संवेदनशील सरकार
जनसुनवाई में तेजी से निस्तारण पर जोर, अधिकारियों को सख्त निर्देश
चंडीगढ़, 11 अप्रैल- हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने पानीपत के सेक्टर 13–17 स्थित बीजेपी कार्यालय ‘श्याम कमल’ में जन शिकायतों की सुनवाई करते हुए कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य जनता की हर समस्या का समयबद्ध और पारदर्शी समाधान करना है। उन्होंने कहा कि दरबार में आने वाले अधिकतर लोग अपनी व्यक्तिगत समस्याएं लेकर आते हैं, लेकिन सरकार उनके हर मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्री ढांडा ने स्पष्ट कहा कि “चाहे समस्या व्यक्तिगत हो या सामूहिक, सरकार हर नागरिक के साथ खड़ी है। हमारी प्राथमिकता है कि कोई भी व्यक्ति परेशान न रहे और उसे अपने अधिकार के लिए भटकना न पड़े।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का शीघ्र निस्तारण किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जनसुनवाई कार्यक्रम जनता और सरकार के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है, जिससे लोगों की समस्याएं जमीनी स्तर पर समझी जा सकती हैं और उनका त्वरित समाधान संभव होता है।
सरकार किसानों की फसल का एक एक दाना खरीदेगी - शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा
मंडियों में मंत्री ने किया औचक निरीक्षण, मौके पर ही समाधान के निर्देश
चंडीगढ़, 11 अप्रैल - हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने पानीपत की नई अनाज मंडी का दौरा कर किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने मंडी में पहुंचकर खरीद प्रक्रिया का जायजा लिया और यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से निगरानी की, कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
शिक्षा मंत्री ने इस दौरान मंडी में किसानों की फसल का निरीक्षण किया व अपने सामने ही फसल की नापतोल करवाई और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने किसानों और व्यापारियों से सीधे संवाद करते हुए उनकी समस्याओं को समझा और भरोसा दिलाया कि सरकार हर स्तर पर किसानों के साथ खड़ी है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर किसान की फसल का एक-एक दाना न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाए। किसी भी किसान को अपनी मेहनत का उचित मूल्य पाने के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ेगा। यदि कहीं भी लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मंडियों में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसानों का भरोसा मजबूत हो।
हरियाणा में शिक्षा गुणवत्ता सुधार को नई गति: पीएम श्री विद्यालयों व मॉडल संस्कृति स्कूलों के बीच राज्य स्तरीय प्रतियोगिता
20 अप्रैल तक जिला स्तर पर चयन, अगस्त में अंतिम मूल्यांकन; स्वतंत्रता दिवस पर श्रेष्ठ विद्यालय होंगे सम्मानित
चंडीगढ़, 11 अप्रैल- हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ एवं परिणाममुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पीएम श्री विद्यालयों और वरिष्ठ माध्यमिक मॉडल संस्कृति स्कूलों के बीच राज्य स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सभी उपायुक्तों एवं मंडल आयुक्तों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि यह पहल विद्यालयों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देगी तथा उन्हें अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने और उत्कृष्ट उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करेगी। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में हरियाणा में 250 पीएम श्री विद्यालय तथा 218 वरिष्ठ माध्यमिक मॉडल संस्कृति विद्यालय संचालित हैं, जिन्हें गुणवत्ता एवं मूल्य आधारित शिक्षा के उत्कृष्ट केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है।
प्रवक्ता ने बताया कि प्रत्येक जिले में उपायुक्त 20 अप्रैल 2026 तक तीन पीएम श्री विद्यालय तथा तीन वरिष्ठ माध्यमिक मॉडल संस्कृति विद्यालयों का चयन करेंगे। इसके पश्चात मंडल आयुक्त 30 अप्रैल 2026 तक चयनित विद्यालयों में से शीर्ष 50 प्रतिशत विद्यालयों को अगले चरण के लिए चिन्हित करेंगे।
चयनित विद्यालय 1 मई से 31 जुलाई 2026 तक विशेष सुधार चरण में भाग लेंगे। इस अवधि में आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण, नवीन शिक्षण पद्धतियों के समावेश, विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के विस्तार तथा समग्र विद्यालय प्रबंधन को बेहतर बनाने पर विशेष बल दिया जाएगा। इस प्रक्रिया में जिलों में तैनात वरिष्ठ अधिकारी संरक्षक के रूप में मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि अंतिम मूल्यांकन 1 अगस्त से 7 अगस्त 2026 के बीच निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाएगा। इसके उपरांत पूरे प्रदेश से तीन सर्वश्रेष्ठ पीएम श्री विद्यालय तथा तीन सर्वश्रेष्ठ वरिष्ठ माध्यमिक मॉडल संस्कृति विद्यालयों का चयन किया जाएगा।
विजेता विद्यालयों को वर्ष 2026 के स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा सम्मानित किया जाएगा। साथ ही संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी तथा विद्यालयों के प्राचार्यों को भी उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा : आरती सिंह राव
-जनजागरूकता अभियान की शुरुआत की
चंडीगढ़, 11 अप्रैल - हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा "नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023" को लागू करने की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। इसको लागू करने के लिए आगामी 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाया जा रहा है। इस अधिनियम के प्रति जनजागरूकता लाने के लिए आज 11 अप्रैल से अभियान शुरू किया गया है , यह अभियान 20 अप्रैल तक विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से चलेगा जिसमें महिलाओं व आम जनमानस को अधिनियम की जानकारी देने और उनसे जुड़ाव बढ़ाने की तैयारी की गई है।
स्वास्थ्य मंत्री आज पंचकूला में इस अभियान की शुरुआत करने के बाद मीडिया से बात कर रही थी।
आरती सिंह राव ने "नारी शक्ति वंदन अधिनियम" की जानकारी एवं इसके लाभ गिनवाते हुए बताया कि इस अधिनियम से महिला सशक्तिकरण को और अधिक बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक संवैधानिक संशोधन है, जिसके तहत लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटों का आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह अधिनियम केवल महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। इससे महिलाओं को नीति निर्माण में अधिक भागीदारी का अवसर मिलेगा और लोकतंत्र और मजबूत होगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि देश में महिलाओं की मतदान में भागीदारी लगातार बढ़ रही है और कई स्थानों पर यह पुरुषों से भी अधिक है। इसके बावजूद संसद और विधानसभाओं में उनका प्रतिनिधित्व अपेक्षाकृत कम है, जिसे यह अधिनियम संतुलित करेगा।
उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिलता है, तो शासन अधिक प्रभावी और जन-केंद्रित बनता है। पंचायतों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी इसका उदाहरण है, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और पानी जैसे मुद्दों पर सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं।
आरती सिंह राव ने कहा कि पिछले वर्षों में केंद्र सरकार की योजनाओं ने महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन और जन-धन योजना जैसी पहलों ने महिलाओं को सशक्त बनाया है।
उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के साथ-साथ महिलाओं को अब राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में भी आगे बढ़ाना आवश्यक है। “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” इसी दिशा में एक ठोस कदम है।
स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस जनजागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और महिलाओं के सशक्तिकरण के इस ऐतिहासिक अवसर को सफल बनाने में योगदान दें।
कांग्रेस के नेता मंडी में जाने की बजाय कांग्रेस शासित प्रदेशों का हाल देखकर आएं: मुख्यमंत्री
विपक्ष केवल आरोप लगाता है, लेकिन हमारे पास काम का रिपोर्ट कार्ड है: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
विकसित दादरी रैली में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए मुख्यमंत्री ने साधे निशाने
मुख्यमंत्री ने 540 करोड़ 98 लाख रुपये की 43 विकास परियोजनाओं की दी सौगात
चंडीगढ़, 11 अप्रैल- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार जनता से किये संकल्पों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। हाल ही में दो रोज पहले भी श्रमिकों से किए गए मजदूरी बढ़ाने के संकल्प को सरकार ने पूरा करते हुए उनका मासिक वेतन 19 हजार 425 रुपये तक सुनिश्चित किया है। लेकिन,कांग्रेसी सिर्फ बरगलाने में जुटे है, कभी किसानों को झूठ बोल कर गुमराह करते हैं तो कभी दूसरे वर्ग को। कांग्रेस के नेता मंडी में जाने की बजाय हिमाचल जाएं, कर्नाटक जाएं, तेलंगाना जाएं और पता करके आएं कि क्या वहां की जनता से किये वायदे उनकी सरकारों ने पूरे किए हैं या नहीं।
मुख्यमंत्री शनिवार को चरखी दादरी में विकसित दादरी रैली में बतौर मुख्यातिथि शिरकत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 540 करोड़ 98 लाख रुपये की 43 विकास परियोजनाओं की सौगात भी दादरी विधानसभा क्षेत्र को दी। कार्यक्रम के दौरान रैली के आयोजक एवं विधायक श्री सुनील सतपाल सांगवान ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी भी मौजूद थी।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि चरखी-दादरी की मिट्टी अपने आप में गौरवशाली इतिहास की गवाही देती है। यहां की हवा में शौर्य है, यहां के कण-कण में वीरता बसती है। सन् 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम हो, आजादी की लड़ाई हो अथवा आजादी के बाद चीन व पाकिस्तान से होने वाले युद्ध हों, यहां के जवानों ने सदा वीरता की नई मिसाल कायम की हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन की सरकार हर क्षेत्र का समान विकास करने की दिशा में काम कर रही है। पिछले 11 वर्षों में दादरी विधानसभा क्षेत्र के लिए कुल 271 घोषणाएं की गई हैं। इनमें से 201 घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं तथा 58 पर काम जारी है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने अब तक दादरी विधानसभा क्षेत्र में 1 हजार 364 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत के विकास कार्य करवाए हैं, जबकि कांग्रेस सरकार के 10 वर्षों में 303 करोड़ 30 लाख रुपये के काम हुए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार अपने तीसरे कार्यकाल में भी जनकल्याण के काम गति से कर रही है। आज समय की मांग है कि हम राजनीति से ऊपर उठकर विकास की राजनीति करें। हमारा लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जनता का विश्ववास जीतना है। विपक्ष केवल आरोप लगाता है, लेकिन हमारे पास काम का रिपोर्ट कार्ड है। हमने जो कहा, वह करके दिखाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दादरी का विकास अब तिगुणी रफ़्तार से होगा। चरखी-दादरी को दिसम्बर, 2016 में नया जिला बनाया गया, वहीं गांव झोझू कलां और बोंद को ब्लॉक बनाया गया। सरकार इस क्षेत्र में भी तेज गति से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि दादरी के लिए हाल ही में पेश किए गए बजट में खास परियोजनाएं बनाई गई है। इसके तहत चरखी दादरी सहित 10 जिलों में प्राकृतिक व जैविक किसानों को कृषि उपज बेचने के लिए मंडियों में जगह उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया गया है। साथ ही 5 जिलों के 44 जलघरों के टैंकों को आरसीसी लाइनिंग में बदलने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इनमें चरखी दादरी के अलावा हिसार, रोहतक, झज्जर व भिवानी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह चरखी दादरी, हांसी, झज्जर व मांडी खेड़ा के जिला अस्पतालों में अतिरिक्त 100 बिस्तरीय भवनों का निर्माण भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चरखी दादरी सहित 12 जिलों में 21 नए खेल स्टेडियमों का निर्माण करने की योजना भी है। झज्जर-चरखी दादरी की चारमार्गीय सड़क को अपग्रेड किया जाएगा। चरखी दादरी, फतेहाबाद, पंचकूला में जिला जेल तथा रोहतक में हाई सिक्योरिटी जेल बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जो कहते हैं, उसे करते भी हैं। इसका प्रमाण यह है कि हमने पिछले विधानसभा चुनावों के अपने संकल्प-पत्र के 217 में से 61 वादों को डेढ़ साल में ही पूरा कर दिखाया है। यही नहीं, 156 वादों पर काम प्रगति पर है। आज अगर हरियाणा विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है, तो इसके पीछे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का दूरदर्शी मार्गदर्शन है। ‘विकसित भारत 2047’ का जो संकल्प प्रधानमंत्री ने देशवासियों के सामने रखा है, वह केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन है। यह ऐसा संकल्प है, जिसमें देश का हर नागरिक भागीदार है। हम सब मिलकर ‘विकसित हरियाणा’ के माध्यम से ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करेंगे।
इंडी गठबंधन राजनीतिक कुर्सी ढूंढने लग जाता है:
उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध से उपजे संकट के समय पेट्रोलियम उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर प्रधानमंत्री ने जनता को बड़ी राहत दी है। लेकिन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडी गठबंधन राजनीतिक कुर्सी ढूंढने के लिए भ्रम फैलाने लगता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वैश्विक संकट के समय में सस्ती राजनीति करके वोटों की फसल काटने की विपक्षियों ने कोशिश की और गलत बयानबाजी करके भ्रम फैलाने की खूब कोशिश की, लेकिन जागरूक जनता ने उनके गलत इरादों को कामयाब नहीं होने दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेल और गैस की कोई कमीं नहीं है।
किसान की फसल का एक एक दाना खरीदा जाएगा:
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस समय रबी फसलों की खरीद का सीजन चल रहा है। सरकार ने खरीद के व्यापक प्रबंध किए हैं। 28 मार्च से सरसों की और 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद प्रदेश में चल रही है। हरियाणा देश का पहला राज्य है, जो किसानों की सभी फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कर रहा है। किसानों की फसलों की सरकारी खरीद पर भी विपक्षी अपनी राजनैतिक रोटियां सैकने के लिए आजकल अनाज मंडियों में घूम रहे हैं। जब वे सत्ता में थे, तब उन्हें न मंडियों की सुध थी और न किसानों की चिंता। अब सरकारी खरीद की सुचारू व्यवस्था पर किसानों को बरगलाने का असफल प्रयास कर रहे हैं। लेकिन किसान जागरूक हैं। वे किसी के बहकावे में आने वाले नहीं हैं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के नेताओं को मंडी में घूमने की बजाय, कांग्रेस शासित प्रदेशों में जाकर वहां जनता से किए वायदों को पूरा किया गया या नहीं, देख कर आने की सलाह भी दी।
वर्तमान सरकार कर रही नवनिर्माण: मंत्री श्रुति चौधरी
विकसित दादरी रैली को संबोधित करते हुए सिंचाई तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने कहा कि स्वर्गीय चौ. बंसीलाल एवं स्वर्गीय चौ. सुरेंद्र सिंह के अधूरे सपनों को मौजूदा सरकार पूरा करने में लगी हुई है। जिस प्रकार से उन्होंने हरियाणा का नवनिर्माण किया था, उसी दिशा में वर्तमान सरकार भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी के पुननिर्माण की नींव रखी है। चौ. बंसीलाल ने 40 साल पहले यह नहर बनवाई थी। उसके बाद आज इसको दोबारा बनवाने का काम शुरु किया गया है, जिस पर 44 करोड़ की राशि खर्च होगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ नियंत्रण के कार्यों पर दादरी हलका में 23 करोड़ की राशि के काम करवाने का प्रावधान किया गया है।
सरकार कर रही है तेजी से विकास कार्य:विधायक सुनील सतपाल सांगवान
दादरी के विधायक एवं रैली के आयोजक श्री सुनील सतपाल सांगवान ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में इस सरकार ने युवाओं को पारदर्शिता के आधार पर नौकरियां दी है। इसी प्रकार से विकास के कार्यो में भी सरकार तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस के जो नेता पारदर्शिता की पॉलिसी को लेकर सवाल उठा रहे हैं, उसी पार्टी के नेताओं की संतान को राजपत्रित पदों पर नौकरी मिली है। मुख्यमंत्री ने युवाओं के समक्ष नौकरी की केवल एक ही शर्त रखी है, और वह है उनकी योग्यता व बौद्धिक क्षमता। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को दादरी हलका के विकास के लिए विभिन्न मांगों का घोषणा-पत्र भी सौंपा।
इस दौरान सांसद चौधरी श्री धर्मबीर सिंह, विधायक श्री उमेद पातुवास,श्री पवन खरखौदा, श्री अनिल यादव, श्री विनोद भ्याणा, श्री कपूर सिंह वाल्मिकी, श्री मुकेश शर्मा, श्री कंवर सिंह यादव, पूर्व मंत्री श्री जेपी दलाल, जिलाध्यक्ष चरखीदादरी श्री सुनील इंजीनियर, जिला परिषद चेयरमैन श्री मनदीप डालावास, जिला प्रभारी श्री महेश चौहान, नगर परिषद दादरी चेयरमैन श्री बक्शीराम सैनी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
कृषि मंत्री जिला हांसी के गांव बांस की अनाज मंडी में किसानों के बीच पहुंचे, एमएसपी पर गेहूं का दाना-दाना खरीदने का दिया आश्वासन
कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा के आश्वासन के बाद धरना स्थल से उठे किसान
चंडीगढ़, 11 अप्रैल- हरियाणा के कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा आज जिला हांसी स्थित बांस गांव की अनाज मंडी पहुंचे, जहां मंडी के प्रवेश द्वार पर प्रदर्शन कर रहे किसानों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। किसानों के साथ संवाद करते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार गेहूं की फसल का एक-एक दाना न्यूनतम समर्थन मूल्य(एमएसपी) पर खरीदने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रदेश की सभी मंडियों में खरीद प्रक्रिया को सुचारु और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। मंडियों में किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं और शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि उन्हें किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकार उनकी हर समस्या के समाधान के लिए तत्पर है। मंडियों में किसानों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि उनकी उपज की बिक्री निर्बाध रूप से हो सके।
श्री राणा ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी स्वयं मंडियों का दौरा कर स्थिति की समीक्षा कर चुके हैं। उनके निर्देशों के पश्चात प्रदेश भर में गेहूं की खरीद और उठान (लिफ्टिंग) कार्य में तेजी लाई गई है, जिससे किसानों को समय पर राहत मिल रही है।
इस दौरान कृषि मंत्री ने किसानों को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के साथ बैठक के लिए आमंत्रित किया। किसानों ने इस पहल का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री के साथ चाय पर चर्चा के निमंत्रण के लिए कृषि मंत्री का आभार व्यक्त किया, जिससे वे अपनी समस्याएं सीधे सरकार के समक्ष रख सकें। कृषि मंत्री के आश्वासन और सकारात्मक पहल के बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
दौरे के दौरान कृषि मंत्री ने किसानों के साथ चाय पी और अधिकारियों को निर्देश देकर कई शिकायतों का तत्काल समाधान भी करवाया।
कृषि मंत्री के इस संवेदनशील और सक्रिय रुख से किसानों में विश्वास मजबूत हुआ है कि प्रदेश सरकार उनकी फसल की खरीद और मंडी व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने सरकारी अस्पतालों में तुरंत सुधार के दिए निर्देश, 24×7 सेवाएं, निरीक्षण और कमियों के लिए ज़ीरो टॉलरेंस
चंडीगढ़, 11 अप्रैल - हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने हरियाणा के सभी सरकारी अस्पतालों के व्यापक सुधार के आदेश दिए हैं। इसके तहत जिला अस्पतालों से लेकर राज्य के दूर-दराज के कोने में स्थित अंतिम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक स्वास्थ्य प्रणाली के हर स्तर पर निर्देश जारी किए गए हैं। संदेश साफ़ है- सख्ती से पालन और समय पर सुधार ज़रूरी हैं, ऑप्शनल नहीं।
डॉ. मिश्रा ने सभी जिला उपायुक्त, सिविल सर्जन, सरकारी मेडिकल कॉलेज के निदेशक और सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट को भेजे एक पत्र में कहा है कि लापरवाही, देरी या टालमटोल करने पर तुरंत प्रशासनिक एक्शन लिया जाएगा और संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सुधार की पहल के तहत, 13 अप्रैल से सभी सरकारी अस्पतालों में एक हफ़्ते का सफ़ाई अभियान शुरू किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अस्पताल परिसर, जिसमें वार्ड, कॉरिडोर, पार्क और आस-पास के इलाके शामिल हैं, की अच्छी तरह से सफ़ाई करें, साथ ही बायोमेडिकल वेस्ट का सही मैनेजमेंट भी करें। पारदर्शिता और निगरानी करने के लिए तय अधिकारियों को सफा