झज्जर में नहरी पानी बंद होने से ग्रामीण इलाकों में पानी संकट गहराया
झज्जर: भीषण गर्मी के इस समय में झज्जर जिले के कई ग्रामीण इलाकों में भारी पानी संकट हो गया है। नहरी पानी बंद होने के कारण कई ग्रामीण इलाकों में हालात काफी खराब हो गए हैं। जिले के कई गांवों में जलघरों के टैंक (डिग्गियां) पूरी तरह खाली हो चुके हैं, जिसके कारण गांवों में एक दिन छोड़कर एक दिन या इससे भी ज्यादा दिनों बाद सप्लाई दी जा रही है, तो कहीं ग्रामीण पूरी तरह से उधार और टैंकर के पानी पर निर्भर हो चुके हैं। परिस्थिति ऐसी हो गई है कि लोगों को पानी के लिए लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है। लेकिन इन सबके बीच राहत की बात केवल इतनी है कि 24 दिन के लंबे इंतजार के बाद जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) कैनाल में 26 मई की मध्य रात्रि के बाद पानी छोड़ा जाएगा, जिसके 27 मई तक संबंधित क्षेत्रों में पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद ही जलघरों के टैंक और पशुओं के पीने के तालाब भरे जा सकेंगे।
5 हजार से अधिक की आबादी जल संकट से परेशान
पिछले एक सप्ताह से बेरी खंड सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। इसी कड़ी में करीब 5 हजार से अधिक की आबादी वाला गांव ढराना इस समय भीषण जल संकट से जूझ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में जो निजी पानी की सप्लाई लाइन थी, उसे सिंचाई विभाग द्वारा पानी निकासी के लिए पाइप दबाते समय तोड़ दिया गया। इसके बाद से गांव में पानी की हाहाकार मची हुई है। ग्रामीण उधार की पानी सप्लाई और लंबी लाइनों में लगकर पानी लेने को मजबूर हैं। इस संबंध में ग्रामीण कैप्टन सुरेंद्र कुमार ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया और सरल पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करवाई। हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग के एक्सईएन राजेश कौशिक एवं जेई विकास ने तुरंत संज्ञान लिया। विभाग की ओर से तुरंत गांव में दो पानी के टैंकर भिजवाकर अस्थाई रूप से समस्या का समाधान किया गया। कैप्टन सुरेंद्र कुमार ने बताया, अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि नहरी पानी आने तक मांग के अनुसार तुरंत टैंकर उपलब्ध करवाए जाएंगे।
जलसंकट पर फूट पड़ा महिलाओं का गुस्सा
जल संकट को लेकर बिरोहड़ गांव में ग्रामीणों, खासतौर पर महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। जलघर के सामने एकत्रित होकर महिलाओं ने कोसली-दादरी मुख्य मार्ग को पूरी तरह बाधित करते हुए जाम लगा दिया। सड़क पर उतरीं महिलाओं ने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने अपनी व्यथा रखते हुए कहा कि उन्हें बोरिंग का खारा पानी सप्लाई किया जा रहा है, जो पीने योग्य नहीं है। जाम की सूचना मिलते ही आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन द्वारा हर घर में टैंकर के जरिए पानी पहुंचाने और समस्या का स्थाई समाधान करने के ठोस आश्वासन के बाद ही महिलाओं ने जाम खोला।