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अब हरियाणा में छोटे शहरों के सरकारी हॉस्पिटल होंगे हाईटेक, महिलाओं और नवजातों को मिलेगी बड़ी राहत

चंडीगढ़:हरियाणा में अब प्रसव और नवजातों के इलाज के लिए किसी बड़े अस्पताल के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हरियाणा सरकार ग्रामीण इलाकों के सरकारी अस्पतालों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने जा रही है। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि ग्रामीण और कम सेवा वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग, मेदांता फाउंडेशन के माध्यम से मेदांता अस्पताल के साथ समझौता ज्ञापन करेगा। सुश्री राव ने बताया कि इस साझेदारी का उद्देश्य सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल अटेली और कम्युनिटी हेल्थ सेंटर फरुर्खनगर एवं मीरपुर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को अपग्रेड करना है।
 

 चंडीगढ़: हरियाणा में अब प्रसव और नवजातों के इलाज के लिए किसी बड़े अस्पताल के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हरियाणा सरकार ग्रामीण इलाकों के सरकारी अस्पतालों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने जा रही है। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि ग्रामीण और कम सेवा वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग, मेदांता फाउंडेशन के माध्यम से मेदांता अस्पताल के साथ समझौता ज्ञापन करेगा। सुश्री राव ने बताया कि इस साझेदारी का उद्देश्य सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल अटेली और कम्युनिटी हेल्थ सेंटर फरुर्खनगर एवं मीरपुर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को अपग्रेड करना है।

प्रसूति कक्षों और सिजेरियन सेक्शन ओटी सुविधाओं को बनाया जाएगा आधुनिक

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह सहभागिता पब्लिक-प्राइवेट पाटर्नरशिप मोड के तहत संचालित होगी। इसके तहत प्रसूति कक्षों और सिजेरियन सेक्शन ओटी सुविधाओं को आधुनिक बनाया जाएगा। नवजात शिशुओं की देखभाल, उन्नत डायग्नोस्टिक सेवाएं और एम्बुलेंस सहायता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य कर्मचारियों की स्किल और कैपेसिटी बिल्डिंग पर भी ध्यान दिया जाएगा। 

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में बड़ा सुधार 

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि यह समझौता ज्ञापन शुरुआत में तीन सालों के लिए प्रस्तावित है। दोनों पक्षों की सहमति और संतोषजनक प्रदर्शन के आधार पर अवधि बढ़ाई जा सकेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के तुरंत बाद अटेली क्षेत्र में और छह महीने के भीतर फरुर्खनगर और मीरपुर के सीएचसी में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में बड़ा सुधार होगा। यह कदम पिछड़े क्षेत्रों में माध्यमिक स्वास्थ्य सेवा को सशक्त बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।