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 हरियाणा में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित मॉडल में बदलने की बड़ी तैयारी 

 चंडीगढ़: हरियाणा की सरकारी स्कूलों की अब काया बदलने वाली है। साल 2026-27 के लिए माध्यमिक शिक्षा क्षेत्र में 7862.40 करोड़ रुपये का विशाल बजट तय कर हरियाणा सरकार ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित मॉडल में बदलने की बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। इसमें स्मार्ट क्लासरूम, नए स्कूल भवन, मॉडल स्कूल, छात्र सुरक्षा, डिजिटल पढ़ाई, गरीब विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और बेटियों की शिक्षा पर सबसे ज्यादा फोकस किया गया है।
 
 

 चंडीगढ़: हरियाणा की सरकारी स्कूलों की अब काया बदलने वाली है। साल 2026-27 के लिए माध्यमिक शिक्षा क्षेत्र में 7862.40 करोड़ रुपये का विशाल बजट तय कर हरियाणा सरकार ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित मॉडल में बदलने की बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। इसमें स्मार्ट क्लासरूम, नए स्कूल भवन, मॉडल स्कूल, छात्र सुरक्षा, डिजिटल पढ़ाई, गरीब विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और बेटियों की शिक्षा पर सबसे ज्यादा फोकस किया गया है।

सरकारी स्कूलों में नई तकनीक, प्रशिक्षित शिक्षक, स्मार्ट शिक्षण प्रणाली और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर 

अब सरकारी स्कूलों को केवल पारंपरिक पढ़ाई तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा। सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं और डिजिटल संसाधनों से लैस शिक्षा केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। गांवों से लेकर शहरों तक सरकारी स्कूलों में नई तकनीक, प्रशिक्षित शिक्षक, स्मार्ट शिक्षण प्रणाली और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जाएगा।

बजट का बड़ा हिस्सा शिक्षकों और स्कूल संचालन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रखा गया है। इसके साथ-साथ स्कूलों में डिजिटल पढ़ाई, छात्राओं की सुरक्षा, आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की सहायता और खेल-सांस्कृतिक गतिविधियों को भी प्राथमिकता दी गई है। सरकार का लक्ष्य सरकारी स्कूलों को सुविधाओं और शिक्षा गुणवत्ता के मामले में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है।

शिक्षकों और संस्थागत खर्चों बजट का बड़ा हिस्सा खर्च

माध्यमिक शिक्षा बजट में सबसे अधिक राशि शिक्षकों और संस्थागत खर्चों पर खर्च की जाएगी। शिक्षण स्टाफ और अन्य संस्थागत व्यवस्थाओं के लिए 5707.41 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इससे स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी और पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी। जिला शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों के लिए 83.74 करोड़ रुपये तथा मुख्यालय स्थापना के लिए 56.29 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

शिक्षकों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान

शिक्षकों के प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। जूनियर बेसिक ट्रेनिंग संस्थानों के लिए 80.30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। डाइट और बाइट संस्थानों को भी मजबूत किया जाएगा, ताकि शिक्षकों को नई शिक्षण तकनीकों और आधुनिक शिक्षा पद्धति से जोड़ा जा सके। सरकार शिक्षा विभाग की मॉनिटरिंग और प्रशासनिक क्षमता को भी मजबूत करेगी।