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हरियाणा के मशहूर लीलावती अस्पताल के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाही

फरीदाबाद:फरीदाबाद के मशहूर लीलावती अस्पताल में आज हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की है। यह कार्रवाई  भ्रूण लिंग जांच की सूचना मिलने पर की गई। PNDT एक्ट के अंतर्गत हुई कार्रवाई के दौरान फरीदाबाद और गुरुग्राम की संयुक्त टीम शामिल रही।
 

 फरीदाबाद: फरीदाबाद के मशहूर लीलावती अस्पताल में आज हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की है। यह कार्रवाई  भ्रूण लिंग जांच की सूचना मिलने पर की गई। PNDT एक्ट के अंतर्गत हुई कार्रवाई के दौरान फरीदाबाद और गुरुग्राम की संयुक्त टीम शामिल रही।

अस्पताल में अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच  का काम जारी

PNDT विभाग के अधिकारी डॉ. आयुष कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि अस्पताल में अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच का काम किया जा रहा है। इस सूचना के आधार पर फरीदाबाद के सिविल सर्जन के नेतृत्व में दो अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। एक टीम फरीदाबाद की थी जबकि दूसरी गुरुग्राम की सीक्रेट टीम थी। योजना के तहत गुरुग्राम की टीम ने एक महिला को गुप्त तरीके से अस्पताल भेजा, ताकि पूरे मामले की पुष्टि की जा सके। जांच के दौरान अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों और स्टाफ से भ्रूण लिंग जांच कराने की बात की गई, जिस पर वे तैयार हो गए। महिला से भ्रूण लिंग जांच के लिए कुल 36 हजार रुपये मांगे गए थे, जिसमें से 20 हजार रुपये केवल जांच के नाम पर लिए गए। जैसे ही महिला को जांच के लिए अंदर कमरे में ले जाया गया पहले से तैनात स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तुरंत छापा मार दिया और मौके पर मौजूद ओम प्रकाश समेत अन्य लोगों को रंगे हाथों पकड़ लिया। 

अस्पताल संचालक, संबंधित डॉक्टरों और इसमें शामिल अन्य लोगों के खिलाफ PNDT एक्ट के तहत FIR दर्ज

छापेमारी के दौरान स्वास्थ्य विभाग टीम ने अस्पताल से भ्रूण लिंग जांच में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और अन्य जरूरी दस्तावेज भी जब्त कर लिए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मौके पर ही कार्रवाई करते हुए पूरी रिपोर्ट तैयार की गई। अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल संचालक, संबंधित डॉक्टरों और इसमें शामिल अन्य लोगों के खिलाफ PNDT एक्ट के तहत FIR दर्ज करवाई जाएगी। जांच के दौरान एक चौंकाने वाली बात सामने आई। टीम ने जब ओमप्रकाश से उसकी मेडिकल डिग्री और योग्यता के बारे में पूछा तो वह खुद को डॉक्टर बता रहा था लेकिन बाद में उसने खुद को 12वीं पास होना बताया। इसके बाद अब उसकी डिग्री और मेडिकल प्रैक्टिस की वैधता की भी पुलिस द्वारा अलग से जांच करवाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि भ्रूण लिंग जांच पूरी तरह गैरकानूनी है और इस तरह के मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों ने साफ कहा कि गुप्त सूचनाओं के आधार पर आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और अवैध गतिविधियों में शामिल अस्पतालों व लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।