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 हरियाणा में नेचुरल फार्मिंग करने वाले किसानों को सरकार की ओर से प्राप्त होगी आर्थिक सहायता

  सिरसा: हरियाणा सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने साल 2026-27 के दौरान प्रदेश में कुल 1.00 लाख एकड़ भूमि को प्राकृतिक खेती के दायरे में लाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस संबंध में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक की ओर से प्रदेश के तमाम उप-निदेशकों को दिशा-निर्देश जारी कर जिलावार लक्ष्य सौंप दिए गए हैं।
 

 सिरसा: हरियाणा सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने साल 2026-27 के दौरान प्रदेश में कुल 1.00 लाख एकड़ भूमि को प्राकृतिक खेती के दायरे में लाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस संबंध में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक की ओर से प्रदेश के तमाम उप-निदेशकों को दिशा-निर्देश जारी कर जिलावार लक्ष्य सौंप दिए गए हैं।

इस योजना के अंतर्गत किसानों को प्रेरित करने के लिए पूरे प्रदेश में 5,000 एकड़ भूमि पर प्रदर्शनी खंड तैयार किए जाएंगे। इसके लिए सरकार प्रति डिमास्ट्रेशन 4,000 की सहायता राशि प्रदान करेगी, जो प्रति किसान अधिकतम 2.5 एकड़ तक ही सीमित होगी। यह प्रदर्शनी खंड 40 ब्लाक के हिसाब से तैयार किए जायेंगे।

सिरसा को 7 हजार एकड़ में प्राकृतिक खेती कराने का लक्ष्य 

कृषि विभाग की तरफ से जारी सूची के अनुसार, हरियाणा के सबसे कृषि प्रधान जिले सिरसा को 7 हजार एकड़ में प्राकृतिक खेती कराने का लक्ष्य दिया गया है। साथ ही साथ  जमीनी स्तर पर इसके सफल क्रियान्वयन और किसानों को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित करने के लिए जिले में 280 प्रदर्शनियां आयोजित की जायेंगी।

हिसार और जींद को भी मिली बड़ी जिम्मेदारी

कृषि विभाग की जिलावार सूची में  धर्मनगरी कुरुक्षेत्र को प्रदेश में सबसे बड़ा लक्ष्य मिला है। कुरुक्षेत्र में सर्वाधिक 10,000 एकड़ में प्राकृतिक खेती कराई जाएगी। इसके बाद हिसार, जींद, कैथल, करनाल और सोनीपत जैसे जिलों को 6-6 हजार एकड़ का लक्ष्य सौंपा गया है। फतेहाबाद, पंचकूला और रोहतक जिलों को 5-5 हजार एकड़ का टारगेट दिया गया है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग केपर नजर डालें तपर नजर डालें तो अतिरिक्त निदेशक ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन लक्ष्यों को समय रहते हासिल करने के लिए जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दें।