पानीपत के डी.सी. वीरेन्द्र दहिया ने पद पर पूरे किये निरंतर 3 वर्ष, 10 अप्रैल 2023 को हुई उपायुक्त पद पर तैनाती
चंडीगढ़ -- हरियाणा में पानीपत जिले के उपायुक्त (डिप्टी कमिश्नर- डी.सी.) वीरेन्द्र कुमार दहिया, जो प्रदेश कैडर के 2013 बैच के आई.ए.एस. अधिकारी है, ने इस पद पर तैनात हुए निरंतर तीन वर्ष पूरे कर लिए हैं.
10 अप्रैल 2023 को दहिया को पानीपत डी.सी. के पद पर तैनात किया गया था. इसके सवा वर्ष पश्चात जुलाई, 2024 में उन्हें प्रदेश के पर्यावरण विभाग के निदेशक एवं विशेष सचिव, पर्यावरण, वन और वन्यजीव विभाग के पद का भी अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया जो आज तक उन्ही के पास है.
इसी बीच हाईकोर्ट में एडवोकेट और प्रशासनिक मामलों के जानकार हेमंत कुमार ने बताया कि पानीपत जिले के मौजूदा उपायुक्त वीरेन्द्र दहिया हालांकि करीब 25 वर्ष पूर्व जनवरी, 2001 में तत्कालीन ओ.पी. चौटाला सरकार दौरान सीधी भर्ती मार्फत हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) --एच.सी.एस. (ई.बी.) अधिकारी के तौर पर नियुक्त हुए थे एवं मई, 2019 में प्रमोट होकर वह आई.ए.एस. बने थे. पानीपत जिले के डी.सी. पद पर तैनाती से पूर्व दहिया हरियाणा के किसी अन्य जिले में उपायुक्त पद पर तैनात नहीं रहे थे.
दहिया की आई.ए.एस. से रिटायरमेंट अगले वर्ष 31 मई 2027 को निर्धारित है. यहाँ यह भी लिखना रोचक है कि दहिया से पूर्व पानीपत के पिछले चार उपायुक्त- सुशील सारवान, धर्मेन्द्र सिंह, हेमा शर्मा और सुमेधा कटारिया भी एच.सी.एस. से प्रमोट होकर आई.ए.एस. बने थे. हालांकि समीर पाल सरो भी अलग अलग अवधि दौरान दो बार पानीपत डी.सी. रहे परंतु उनका कुल कार्यकाल भी 3 वर्ष नहीं रहा था.
हेमंत ने बताया कि सवा 36 वर्ष पूर्व दिसम्बर, 1989 में जब पानीपत को करनाल जिले में से निकाल कर अलग जिला बनाया गया था, तो आज तक पानीपत में तैनात रहे 29 उपायुक्तों में से केवल एम.आर. आनन्द ही ऐसे अकेले आई.ए.एस. अधिकारी थे, जो पानीपत में करीब चार वर्ष अर्थात अप्रैल, 2000 से फरवरी, 2004 तक डी.सी. पद पर रहे थे.
बहरहाल, हेमंत ने आगे बताया कि हालांकि हरियाणा में कुछ वर्षों पहले तक आई.ए.एस. अधिकारियों का सामान्यत: दो-अढ़ाई से तीन वर्षो तक प्रदेश के किसी जिले के डी.सी. पद पर तैनात रहना सामान्य बात होती है परन्तु विगत समय में डी.सी. पद पर तैनाती के लिए आई.ए.एस. अधिकारियों में बड़े स्तर पर लॉबिंग होती है जिससे यह देखने में आया है कि कई बार किसी जिले में एक वर्ष में ही दो से तीन बार जिले का उपायुक्त का तबादला हो जाता है.
हेमंत ने बताया कि जब भी कोई व्यक्ति आई.ए.एस. अधिकारी बनता है, बेशक वह यू.पी.एस.सी. (संघ लोक सेवा आयोग ) द्वारा प्रति वर्ष आयोजित आल इंडिया सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर अर्थात सीधी भर्ती में चयनित होकर आईएएस बना हो अथवा प्रदेश सिविल सेवा (एस.सी.एस. ) से प्रमोट होकर या गैर राज्य सिविल सेवा (नॉन-एस.सी.एस. ) कोटे से चयनित होकर आई.ए.एस. बना हो, उसकी सबसे पहले यही चाह होती है कि वह जल्द ही अपने प्रदेश के किसी ज़िले का डी.सी. तैनात हो.
बहरहाल, हेमंत ने हरियाणा के सभी ज़िलों में मौजूदा तैनात डी.सी. के आधिकारिक रिकॉर्ड का अध्ययन करने के बाद बताया कि वर्तमान में प्रदेश के कुल 23 ज़िलों में से केवल 7 में डी.सी. के पद पर एच.सी.एस. से पदोन्नत होकर अथवा नॉन-एच.सी.एस. कोटे से चयनित होकर आईएएस बने अधिकारी तैनात है.
वहीं प्रदेश के 16 ज़िलों में यू.पी.एस.सी. की सीधी भर्ती में चयनित होकर आई.ए.एस. नियुक्त हुए एवं जिन्हें हरियाणा कैडर आबंटित हुआ, वह बतौर जिलों के डी.सी. तैनात है. हालांकि कुछ वर्ष पूर्व प्रदेश में एच.सी.एस. से प्रमोट होकर आई.ए.एस. बने अधिकारियों का जिले के डी.सी. के पदों पर बोलबाला था जो स्थिति गत कुछ समय में विपरीत हो गयी है.
उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 5 ज़िलों – महेंद्रगढ़, पानीपत, चरखी दादरी, हिसार और पंचकूला के डी.सी. पद पर तैनात अधिकारी एच.सी.एस. से पदोन्नत होकर आई.ए.एस. बने अधिकारी बतौर डीसी तैनात हैं. इन सभी को आई.ए.एस. में पदोन्नति के साथ ही हरियाणा कैडर अलॉट किया गया था. महेंद्रगढ़ में 2012 बैच के मनोज कुमार -1, पानीपत में 2013 बैच के वीरेंद्र कुमार दहिया, चरखी दादरी में 2016 बैच के डॉ. मुनीश नागपाल, हिसार में 2017 बैच के महेंद्र पाल और पंचकूला में 2017 बैच के सतपाल शर्मा वह बतौर डी.सी. तैनात है.
प्रदेश के दो जिलों पलवल और फतेहाबाद में गैर- राज्य सिविल सेवा कोटे से चयनित होकर आई.ए.एस. बने अधिकारी उपायुक्त के पद पर तैनात है. पलवल जिले में 2016 बैच के हरीश कुमार वशिष्ठ और फतेहाबाद में डॉ. विवेक भारती, जो दोनों नॉन-एच.सी.एस. कोटे से आई.ए.एस. बने थे, बतौर डीसी तैनात हैं.
हेमंत ने यह भी बताया कि हालांकि देश के कई राज्यों में आई.ए.एस. में सामान्यत: 9 वर्ष से 16 वर्ष की सेवा वाले आईएएस अधिकारी को अर्थात जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड के आई.ए.एस. अधिकारियों को जिले का डीसी तैनात किया जाता है हालांकि हरियाणा में हालिया वर्षो में 9 वर्षो से कम सेवा वाले आई.ए.एस. अधिकारियों को भी जिले का डी.सी. तैनात किया जाता रहा है. वर्तमान में 2018 बैच के चार आई.ए.एस. जबकि 2019 बैच का एक आई.ए.एस. हरियाणा के अलग अलग जिलों में बतौर जिला उपायुक्त तैनात हैं.