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 सिरसा में बरूवाली नहर टूटने से किसानों को भारी नुकसान

 सिरसा: बीती रात सिरसा की बरूवाली नहर  गांव दड़बा कलां पुल के नजदीक अचानक टूट गई। नहर टूटने से तकरीबन 50 एकड़ में लगी नरमा की फसल डूब गई है। नहर टूटने की सूचना प्राप्त होते ही सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे।  सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने नहर को  नहराना हेड से बंद करवाया। यह घटना मगंलावर की रात करीब 8 बजे के आसपास  बरूवाली नहर गांव दड़बा कलां पुल के समीप अचानक टूट गई। नहर टूटने से करीब 50 फीट का कटाव हो गया जिसके कारण पानी तेजी से खेतों की ओर बढ़ने लगा। 

 

 सिरसा: बीती रात सिरसा की बरूवाली नहर  गांव दड़बा कलां पुल के नजदीक अचानक टूट गई। नहर टूटने से तकरीबन 50 एकड़ में लगी नरमा की फसल डूब गई है। नहर टूटने की सूचना प्राप्त होते ही सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे।  सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने नहर को  नहराना हेड से बंद करवाया। यह घटना मगंलावर की रात करीब 8 बजे के आसपास  बरूवाली नहर गांव दड़बा कलां पुल के समीप अचानक टूट गई। नहर टूटने से करीब 50 फीट का कटाव हो गया जिसके कारण पानी तेजी से खेतों की ओर बढ़ने लगा। 

नहर टूटने की सूचना किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी और नहर को नहराना हेड से बंद करवा दिया गया। सिंचाई विभाग के मैट रतन सिंह ने बताया कि बरूवाली नहर बर्जी नंबर 11900 के पास अचानक टूट गई। नहर में आए कटाव को जल्द ही ठीक करवा दिया जाएगा। 20 दिनों से बरूवाली नहर बंद थी। मंगलवार दोपहर को 1 बजकर 30 मिनट पर नहराना हेड से नहर में पानी छोड़ा गया। इसके बाद रात  8 बजे नहर अचानक टूट गई। नहर से गांव कैंरावाली, माख्खोसरानी, लुदेसर, रूपावास, रायपुर, ढूकड़ा, गुडिया खेड़ा, वरूवाली व अन्य गांवों में पेयजल सप्लाई व भूमि की सिंचाई होती है। किसानों ने बताया कि नहर के तटबंध मजबूत नहीं है और नहर में पानी आते ही टूट जाएगी लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया और पानी आने के मात्र 7 घंटे बाद ही नहर टूट गई। वहीं सबसे बड़ी बात यह है कि करीब 1 महीने से पेयजल की किल्लत झेल रहे ग्रामीणों को कोई राहत नहीं मिली।

अब नहर को पीछे से बंद करवाया जाएगा और फिर पटरी को बांधा जाएगा। इसमें भी करीब तीन से चार दिन का समय लग जाएगा। कालू राम , मांगेराम, गुलज़ारी, मोमन राम, भाल सिंह, शुभकरण, राजेंद्र, ओमप्रकाश ने बताया कि बरुवाली नहर से जमाल, कुतियाना, बरासरी, रायपुर, रूपावास, ढूकड़ा, गुडिया खेड़ा सहित कई गांवों में सिंचाई के साथ-साथ पेयजल की व्यवस्था भी इसी नहर के पानी से होती है। सरकार और सिंचाई विभाग की लापरवाही की वजह से लोगों को पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी तरसना पड़ रहा है। इन्होंने बताया कि इन गांव की डिग्गियां खाली पड़ी है और ग्रामीण नहर आने पर पानी का इंतजार कर रहे हैं।

लेकिन नहर में पानी आते ही टूट गई और पीने के पीने के पानी का प्रबंध करना भी मुश्किल हो गया है। इनका कहना है कि नहर टूटने की सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दे दी गई है लेकिन अब कब नहर बंधेगी और कब दोबारा पानी आएगा यह तो चिंता का विषय है।