{"vars":{"id": "128336:4984"}}

 जिला में नशाखोरी के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति लागू- उपायुक्त सचिन गुप्ता

 

रोहतक, 11 मई : उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा नशा मुक्ति अभियान को सख्ती से लागू किया जा रहा है तथा प्रतिबंधित नशीली दवाओं की बिक्री करने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों के विरूद्घ निरंतर चैकिंग अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बिना लाइसेंस दवाइयों की बिक्री करता पाया जाए तो उनके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करवाई जाए। जिला में नशाखोरी के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति लागू की जा रही है।


सचिन गुप्ता स्थानीय लघु सचिवालय स्थित सभागार में एनकोड, पुलिस एवं जिला जेल की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिला में नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री करने वाले व्यक्तियों/मेडिकल स्टोर संचालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि ड्रग्स कंट्रोल अधिकारी आगामी तीन माह में जिला में शेष मेडिकल स्टोर की चैकिंग कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करें। जिला में 1532 लाइसेंसशुदा मेडिकल स्टोर है। गत अप्रैल माह के दौरान 113 मेडिकल स्टोर की चेकिंग की गई तथा चैकिंग के दौरान अनियमितता मिलने पर तीन मेडिकल स्टोर के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं तथा 13 मेडिकल स्टोर संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं।


उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि शहर में स्थित सार्वजनिक स्थलों पार्क, सब्जी मंडी, स्टेडियम इत्यादि में नशीले पदार्थों का सेवन करने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाए तथा उनके आसपास स्थित मेडिकल स्टोर इत्यादि की जांच की जाए। उन्होंने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से नशा मुक्ति जागरूकता शिविर आयोजित कर नागरिकों को हर प्रकार के नशे से दूर रहने बारे जागरूक करें। उन्होंने कहा कि जिला रेड क्रास सोसायटी द्वारा भी युवाओं को नशा मुक्ति अभियान बारे जागरूक किया जाए। युवाओं को हर प्रकार के नशे के दुष्प्रभावों से अवगत करवाया जाए तथा उन्हें हर नशे से दूर रहने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।


सचिन गुप्ता ने एएसपी आयुष यादव से कहा कि वे जिला में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान शुरू करें ताकि नागरिक डिजिटल फ्रॉड का शिकार न हो। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा साइबर अपराध के सभी तरीकों एवं उनसे बचाव के बारे नागरिकों को जागरूक करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाए। इन कार्यक्रमों में साइबर विशेषज्ञ नागरिकों को जागरूक करें।


उपायुक्त सचिन गुप्ता ने जिला जेल की समीक्षा करते हुए खेल विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जेल में बंद कैदियों की खेल प्रतियोगिताएं करवाएं। जिला जेल अधीक्षक सत्यवान ने कहा कि जेल में योगा कक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जेल में बंदियों को स्वरोजगार का प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने के लिए राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों से सम्पर्क किया जा रहा है। उन्होंने जिला न्यायवादी से कहा कि वे चिन्ह्ति व गंभीर अपराधों की न्यायालय में उचित पैरवी करें तथा यह सुनिश्चित करें कि कोई भी दोषी व्यक्ति रिहा न हो सके।


इस अवसर पर एएसपी आयुष यादव, प्रशिक्षु आईएएस विशाल सिंह, जेल अधीक्षक सत्यवान, उपमंडलाधीश आशीष कुमार, जिला न्यायवादी सुरेंद्र पाहवा, जिला कार्यक्रम अधिकारी दीपिका सैनी, जिला खेल अधिकारी अनूप सिंह, जिला रेडक्रास सोसायटी के मुख्य प्रशिक्षक रविदत्त सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।