युवा शोध और प्रौद्योगिकी में दक्ष बनकर राष्ट्र निर्माण में निभाएं अग्रणी भूमिका: कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ
चंडीगढ़ , 11 मई - आज का युवा केवल डिग्री लेने तक सीमित न रहे, बल्कि उत्कृष्ट शोधार्थी और तकनीक में पारंगत बनकर देश और समाज के उत्थान में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।
यह प्रेरक संदेश महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) में आयोजित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए दिया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. संदीप बंसल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह के दौरान आयोजित विज्ञान एवं इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट प्रदर्शनी विद्यार्थियों की प्रतिभा, तकनीकी दक्षता और नवाचार सोच का शानदार उदाहरण बनी। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने नवीकरणीय ऊर्जा, स्मार्ट सिंचाई प्रणाली, रोबोटिक्स, पर्यावरण संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और विद्युत सुरक्षा जैसे विषयों पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किए।
कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि तकनीक और शोध ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। उन्होंने शिक्षकों से ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों को विशेष मार्गदर्शन देने का आह्वान किया ताकि वे भी आधुनिक तकनीक और शोध के क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकें।
रजिस्ट्रार प्रो. संदीप बंसल ने कहा कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस युवाओं को नवाचार, शोध और तकनीकी उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से तकनीक का उपयोग समाज हित और राष्ट्र निर्माण में करने का आह्वान किया।
इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट प्रतियोगिता में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के विशाल, हिमांशु, रुद्र, आकाश, हर्ष और नितिन की टीम ने फैब्रिकेशन एंड एनालिसिस ऑफ एयर प्यूरीफायर प्रोजेक्ट के लिए प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं हर्ष, आकाश और आशीष की टीम ने हाई परफॉर्मेंस पॉलीमर एफएफएफ प्रिंटर प्रोजेक्ट के लिए पहला स्थान प्राप्त किया।
द्वितीय स्थान इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के छात्र हार्दिक सिन्हा को आईओटी बेस्ड ऑटोनॉमस लेजर कटिंग एंड मॉनिटरिंग सिस्टम प्रोजेक्ट के लिए मिला। इसके साथ ही मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के आर्यन, हिमांशु, निशांत, शुभम, मुकेश, भविष्य और प्रियंका की टीम ने “वाई-फाई कंट्रोल्ड हाइड्रोलिक जैक प्रोजेक्ट के लिए द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
तृतीय स्थान सिद्धार्थ, अमन, राहुल राज, केशव, हर्ष, गौरव एवं साहिल की टीम को सोलर पावर्ड आर्डयूनो बेस्ड मोबाइल कंट्रोल मल्टीपरपज एग्रीकल्चर व्हीकल प्रोजेक्ट के लिए प्रदान किया गया। वहीं यश, रोहित, गौरव, दिवेश, परीक्षित और अनुभव की टीम ने कोकोनट शेल इन रैपिड सैंड फिल्टर प्रोजेक्ट के लिए तृतीय स्थान प्राप्त किया।
विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों के विद्यार्थियों ने भी अपनी तकनीकी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। रेस्क्यू चेयर प्रोजेक्ट को प्रथम, फायर स्प्रिंकलर टेस्टिंग सिस्टम को द्वितीय तथा एवी रोन आई ड्रोन प्रोजेक्ट को तृतीय स्थान मिला।