कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के माध्यम से आगे बढें युवा पीढी : डा राज नेहरू
Apr 14, 2026, 22:49 IST
झज्जर, 14 अप्रैल। हरियाणा के मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू ने युवाओं से आह्वान किया कि वे उद्यमिता की ओर कदम बढ़ाते हुए सरकार की विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं और सरकार द्वारा इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका लाभ युवा आसानी से उठा सकते हैं।
डा राज नेहरू मंगलवार को निकटवर्ती गांव कबलाना स्थित गंगा प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित उद्यमी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बड़खालसा,बलिदानी दादा कुशाल सिंह दहिया कौशल एवं आर्थिक विकास परिषद के अध्यक्ष बीर सिंह दहिया भी उपस्थित थे।
ओएसडी डा राज नेहरू ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का जीवन हमें शिक्षा, समानता और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा देता है। आज के समय में युवाओं को कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के माध्यम से आगे बढ़ने की आवश्यकता है, ताकि वे स्वयं के साथ-साथ समाज और प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।
ओएसडी डा राज नेहरू ने कहा कि उद्यमी अपने उत्पादों को बाजार में उतारकर उनकी ब्रांडिंग अवश्य करें, जिससे उन्हें सफलता अवश्य मिलेगी। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि किसी भी क्षेत्र में कार्य शुरू करने से पहले उसकी पूरी जानकारी लें और श्रेष्ठ कार्य पद्धतियों (बेस्ट प्रैक्टिस) को अपनाएं। आज भारतीय उत्पादों की मांग न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी तेजी से बढ़ रही है।
मुख्य अतिथि ने कहा कि कृषि हरियाणा का पारंपरिक क्षेत्र है और इसे आधुनिक तकनीकों के साथ विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने मधुमक्खी पालन, झींगा मछली पालन, पशुपालन और प्राकृतिक खेती जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं। इस दौरान उन्होंने भारत सरकार की पीएम कुसुम योजना की भी जानकारी दी और किसानों को इसका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह योजना किसानों को सौर ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने में सहायक है।
उन्होंने पानी और वायु प्रदूषण की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत की शिक्षा पद्धति दुनिया भर के विद्यार्थियों को आकर्षित करती थी, जहां ज्ञान प्राप्त करने के लिए दूर-दूर से लोग आते थे। कार्यक्रम में पारंपरिक क्षेत्रों के विकास, शिक्षा के महत्व और कृषि व खाद्य प्रसंस्करण में नवाचार पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
खाद्य प्रसंस्करण व प्राकृतिक खेती में अपार संभावनाएं : वीरेंद्र बड़खालसा
मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बडख़ालसा ने कहा कि डॉ. बी.आर. अंबेडकर का जीवन संघर्ष, समर्पण और समाज सुधार की अद्भुत मिसाल है, जिससे आज की युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने भारत के सामाजिक और आर्थिक विकास में अमूल्य योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि लगभग 135 वर्ष पूर्व जन्मे डॉ. अंबेडकर ने समाज में व्याप्त भेदभाव को समाप्त करने के लिए आजीवन संघर्ष किया। विदेश में बेहतर अवसर होने के बावजूद उन्होंने भारत लौटकर समाज सेवा का मार्ग चुना। बाबा साहेब ने कृषि और उद्योग को एक साथ जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया था। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था को एक निश्चित अवधि तक लागू रखने की बात कही, ताकि समाज के वंचित वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बड़खालसा ने कहा कि हरियाणा सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के साथ-साथ उन्हें रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। स्टार्टअप, एमएसएमई और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे युवाओं को नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
उन्होंने कृषि और उद्योग के एकीकरण पर बल देते हुए कहा कि उद्यमियों को उत्पादन के साथ-साथ अपने उत्पादों की पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने एमएसएमई के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हरियाणा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम कार्यरत हैं, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। सरकार इन उद्यमों के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है।
इस बीच बलिदानी दादा कुशाल सिंह दहिया कौशल एवं आर्थिक विकास परिषद के अध्यक्ष बीर ङ्क्षसह दहिया ने दादा कुशाल सिंह दहिया के बलिदान की चर्चा करते हुए युवा पीढ़ी से उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यक्रम की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम संयोजक योगेश सिलानी ने सभी मेहमानों का स्वागत करते हुए बताया कि सरकार द्वारा अनेक कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और बेहतरीन प्लेटफॉर्म प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे अपने कौशल को पहचान कर आत्मनिर्भर बन सकें। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी ईश्वर ङ्क्षसह ने की। समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उद्यमियों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर महावीर सिंह,संदीप डांगी सरपंच मदीना,महावीर सिंह ,मोंटी सरपंच,नीरज दलाल,रेणू सांगवान,अनिल पूनिया,डॉ अजय जैन,प्रवीण कुमार,संदीप मलिक, सुमित चाहार,सौरभ त्यागी,सुरेंद्र जौंधी,राकेश कुमार, एसीपी धर्मबीर सिंह सहित युवा उद्यमी, शिक्षाविद् एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
डा राज नेहरू मंगलवार को निकटवर्ती गांव कबलाना स्थित गंगा प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित उद्यमी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बड़खालसा,बलिदानी दादा कुशाल सिंह दहिया कौशल एवं आर्थिक विकास परिषद के अध्यक्ष बीर सिंह दहिया भी उपस्थित थे।
ओएसडी डा राज नेहरू ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का जीवन हमें शिक्षा, समानता और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा देता है। आज के समय में युवाओं को कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के माध्यम से आगे बढ़ने की आवश्यकता है, ताकि वे स्वयं के साथ-साथ समाज और प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।
ओएसडी डा राज नेहरू ने कहा कि उद्यमी अपने उत्पादों को बाजार में उतारकर उनकी ब्रांडिंग अवश्य करें, जिससे उन्हें सफलता अवश्य मिलेगी। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि किसी भी क्षेत्र में कार्य शुरू करने से पहले उसकी पूरी जानकारी लें और श्रेष्ठ कार्य पद्धतियों (बेस्ट प्रैक्टिस) को अपनाएं। आज भारतीय उत्पादों की मांग न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी तेजी से बढ़ रही है।
मुख्य अतिथि ने कहा कि कृषि हरियाणा का पारंपरिक क्षेत्र है और इसे आधुनिक तकनीकों के साथ विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने मधुमक्खी पालन, झींगा मछली पालन, पशुपालन और प्राकृतिक खेती जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं। इस दौरान उन्होंने भारत सरकार की पीएम कुसुम योजना की भी जानकारी दी और किसानों को इसका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह योजना किसानों को सौर ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने में सहायक है।
उन्होंने पानी और वायु प्रदूषण की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत की शिक्षा पद्धति दुनिया भर के विद्यार्थियों को आकर्षित करती थी, जहां ज्ञान प्राप्त करने के लिए दूर-दूर से लोग आते थे। कार्यक्रम में पारंपरिक क्षेत्रों के विकास, शिक्षा के महत्व और कृषि व खाद्य प्रसंस्करण में नवाचार पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
खाद्य प्रसंस्करण व प्राकृतिक खेती में अपार संभावनाएं : वीरेंद्र बड़खालसा
मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बडख़ालसा ने कहा कि डॉ. बी.आर. अंबेडकर का जीवन संघर्ष, समर्पण और समाज सुधार की अद्भुत मिसाल है, जिससे आज की युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने भारत के सामाजिक और आर्थिक विकास में अमूल्य योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि लगभग 135 वर्ष पूर्व जन्मे डॉ. अंबेडकर ने समाज में व्याप्त भेदभाव को समाप्त करने के लिए आजीवन संघर्ष किया। विदेश में बेहतर अवसर होने के बावजूद उन्होंने भारत लौटकर समाज सेवा का मार्ग चुना। बाबा साहेब ने कृषि और उद्योग को एक साथ जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया था। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था को एक निश्चित अवधि तक लागू रखने की बात कही, ताकि समाज के वंचित वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बड़खालसा ने कहा कि हरियाणा सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के साथ-साथ उन्हें रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। स्टार्टअप, एमएसएमई और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे युवाओं को नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
उन्होंने कृषि और उद्योग के एकीकरण पर बल देते हुए कहा कि उद्यमियों को उत्पादन के साथ-साथ अपने उत्पादों की पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने एमएसएमई के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हरियाणा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम कार्यरत हैं, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। सरकार इन उद्यमों के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है।
इस बीच बलिदानी दादा कुशाल सिंह दहिया कौशल एवं आर्थिक विकास परिषद के अध्यक्ष बीर ङ्क्षसह दहिया ने दादा कुशाल सिंह दहिया के बलिदान की चर्चा करते हुए युवा पीढ़ी से उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यक्रम की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम संयोजक योगेश सिलानी ने सभी मेहमानों का स्वागत करते हुए बताया कि सरकार द्वारा अनेक कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और बेहतरीन प्लेटफॉर्म प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे अपने कौशल को पहचान कर आत्मनिर्भर बन सकें। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी ईश्वर ङ्क्षसह ने की। समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उद्यमियों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर महावीर सिंह,संदीप डांगी सरपंच मदीना,महावीर सिंह ,मोंटी सरपंच,नीरज दलाल,रेणू सांगवान,अनिल पूनिया,डॉ अजय जैन,प्रवीण कुमार,संदीप मलिक, सुमित चाहार,सौरभ त्यागी,सुरेंद्र जौंधी,राकेश कुमार, एसीपी धर्मबीर सिंह सहित युवा उद्यमी, शिक्षाविद् एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।