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वैश्य कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, रोहतक में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का सफल एवं भव्य आयोजन

 
रोहतक: वैश्य कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, रोहतक के प्रबंधन अध्ययन विभाग द्वारा “मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च, इनोवेशन एंड सस्टेनेबल बिजनेस प्रैक्टिसेज (ICMRISBP–2026)” विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन दिनांक 09–10 अप्रैल 2026 को हाइब्रिड मोड (ऑफलाइन एवं ऑनलाइन) में किया गया। इस सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

सम्मेलन का शुभारंभ एक गरिमामयी उद्घाटन सत्र के साथ हुआ, जिसकी शुरुआत सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्वलन से की गई, जो ज्ञान, नवाचार एवं सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दीपक गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में बहुआयामी शोध एवं नवाचार समाज और उद्योग दोनों के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समाजोपयोगी अनुसंधान करने के लिए प्रेरित किया।

उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. नीरज नौटियाल (सोहार यूनिवर्सिटी, ओमान) ने ऑनलाइन माध्यम से अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने वैश्विक परिप्रेक्ष्य में नवाचार, तकनीकी परिवर्तन एवं सतत विकास के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके अतिरिक्त, विशिष्ट वक्ता प्रो. सपना बंसल (बीएमयू, रोहतक) ने प्रबंधन एवं शोध के नवीन आयामों पर विस्तार से चर्चा की।

सम्मेलन के दौरान विभिन्न विषयों पर आधारित तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया, जिनमें ऑफलाइन एवं ऑनलाइन दोनों माध्यमों से शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इन सत्रों में कुल 80 से अधिक शोध पत्रों का प्रस्तुतिकरण हुआ, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, फिनटेक, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, सतत विकास, उद्यमिता, कृषि, वित्तीय समावेशन, सामाजिक विज्ञान एवं सार्वजनिक नीति जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।

पहले दिन आयोजित ऑफलाइन तकनीकी सत्र में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक अपने शोध प्रस्तुत किए, जिसमें आर्थिक विकास, कृषि नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उपभोक्ता व्यवहार एवं पर्यावरणीय चुनौतियों जैसे विषयों पर सारगर्भित चर्चा हुई। वहीं दूसरे दिन विभिन्न ट्रैक्स में ऑनलाइन तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें देश के विभिन्न राज्यों एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभागियों ने डिजिटल माध्यम से भाग लेकर अपने शोध प्रस्तुत किए।

इन तकनीकी सत्रों का संचालन अनुभवी सत्राध्यक्षों एवं सह-अध्यक्षों द्वारा किया गया, जिन्होंने प्रत्येक प्रस्तुति के पश्चात प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण सुझाव एवं मार्गदर्शन प्रदान किया। इससे प्रतिभागियों को अपने शोध को और अधिक परिष्कृत करने का अवसर मिला तथा अकादमिक संवाद को प्रोत्साहन मिला।

सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण इसका बहुआयामी दृष्टिकोण रहा, जिसमें प्रबंधन, प्रौद्योगिकी, सामाजिक विज्ञान, पर्यावरण एवं कृषि जैसे विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने एक साझा मंच पर विचार-विमर्श किया। इस प्रकार का अंतःविषयक संवाद वर्तमान वैश्विक चुनौतियों के समाधान हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ।

सम्मेलन के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. दीपक गुप्ता (इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर) उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन न केवल ज्ञान के आदान-प्रदान का माध्यम होते हैं, बल्कि नवाचार एवं अनुसंधान को नई दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को भविष्य में भी अनुसंधान के क्षेत्र में सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया। समापन सत्र में सम्मेलन संबंधी संपादित बुक इमर्जिंग इश्यूज इन मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी का भी अनावरण किया गया ।

सम्मेलन के सफल आयोजन में प्रबंधन अध्ययन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ विपिन मित्तल, अर्जुन गुप्ता (सहायक प्राध्यापक) और डॉ कीर्ति गुप्ता (सहायक प्राध्यापक) व समस्त संकाय सदस्यों, आयोजन समिति, तकनीकी टीम एवं विद्यार्थियों का विशेष योगदान रहा। सम्मेलन के अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

इस प्रकार, आई.सी.एम.आर.आई.एस.पी.–2026 सम्मेलन ने ज्ञान-विनिमय, नवाचार एवं सतत विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हुए अपनी उपयोगिता सिद्ध की और सभी प्रतिभागियों के लिए एक प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक अनुभव साबित हुआ।  इस मौके पर  डिपार्मेंट आफ मैनेजमेंट स्टडीज  का पूरा स्टाफ, सभी विभागाध्यक्ष , कॉलेज स्टूडेंट व अन्य संस्थानो आये से प्रतिभागी मौजूद रहे ।