डीसी ऑफिस स्थित ई-दिशा केंद्र में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत विशेष प्रदर्शनी आयोजित
May 12, 2026, 22:58 IST
रोहतक, 12 मई: भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक चेतना के प्रतीक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत लघु सचिवालय स्थित ई-दिशा केंद्र में एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। यह प्रदर्शनी एक सप्ताह तक प्रात: 9 बजे से सायं 5 बजे तक ई-दिशा केंद्र में आम जनता के अवलोकनार्थ खुली रहेगी। इस प्रदर्शनी में सोमनाथ मंदिर के संदर्भ में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदर्शित की गई है।
प्रदर्शनी भारत की अडिग आस्था और सांस्कृतिक चेतना का संदेश देगी- डीआईपीआरओ संजीव सैनी
जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी संजीव सैनी ने बताया कि यह प्रदर्शनी सोमनाथ मंदिर की गौरवशाली परंपरा, संघर्ष, पुनर्निर्माण और भारत की अडिग आस्था को जन-जन तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में प्रभास पाटन स्थित श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की ऐतिहासिक यात्रा को आकर्षक चित्रों, जानकारीपूर्ण विवरणों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से दर्शाया गया है।
सदियों के आक्रमणों के बावजूद सोमनाथ बना सनातन चेतना का प्रतीक
प्रदर्शनी में यह दर्शाया गया है कि किस प्रकार सदियों के दौरान अनेक आक्रमणों और विनाश के बावजूद सोमनाथ मंदिर बार-बार पुनर्निर्मित हुआ और भारत की सनातन चेतना व सांस्कृतिक निरंतरता का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा।
त्रिवेणी संगम घाट, पंच पांडव गुफा और प्रभास क्षेत्र की वैदिक विरासत की प्रस्तुति
संजीव सैनी ने बताया कि प्रदर्शनी में त्रिवेणी संगम घाट, पंच पांडव गुफा, प्रभास क्षेत्र की वैदिक विरासत, महाभारत एवं पुराणों से जुड़ी कथाएं, साथ ही सोमनाथ मंदिर के विभिन्न कालखंडों में हुए पुनर्निर्माण और संरक्षण की ऐतिहासिक झलक प्रस्तुत की गई है।
सोमनाथ केवल मंदिर नहीं, राष्ट्र्र गौरव और पुनर्जागरण का प्रतीक
प्रदर्शनी में यह भी दर्शाया गया है कि सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, राष्ट्र गौरव और पुनर्जागरण का प्रतीक है। प्रदर्शनी में यह संदेश भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है कि बार-बार के आक्रमणों के बावजूद सोमनाथ आज भी अडिग खड़ा है और यह भारत की असंख्य वीर संतानों के साहस व स्वाभिमान की गाथा है।
नई पीढ़ी को सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने का उद्देश्य
उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शनी का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारत की गौरवशाली धरोहर से जोड़ना, सांस्कृतिक चेतना को जागृत करना तथा राष्ट्र निर्माण में सनातन परंपरा के योगदान को रेखांकित करना है। यह प्रदर्शनी आम नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं एवं इतिहास प्रेमियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी रहेगी।
प्रदर्शनी भारत की अडिग आस्था और सांस्कृतिक चेतना का संदेश देगी- डीआईपीआरओ संजीव सैनी
जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी संजीव सैनी ने बताया कि यह प्रदर्शनी सोमनाथ मंदिर की गौरवशाली परंपरा, संघर्ष, पुनर्निर्माण और भारत की अडिग आस्था को जन-जन तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में प्रभास पाटन स्थित श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की ऐतिहासिक यात्रा को आकर्षक चित्रों, जानकारीपूर्ण विवरणों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से दर्शाया गया है।
सदियों के आक्रमणों के बावजूद सोमनाथ बना सनातन चेतना का प्रतीक
प्रदर्शनी में यह दर्शाया गया है कि किस प्रकार सदियों के दौरान अनेक आक्रमणों और विनाश के बावजूद सोमनाथ मंदिर बार-बार पुनर्निर्मित हुआ और भारत की सनातन चेतना व सांस्कृतिक निरंतरता का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा।
त्रिवेणी संगम घाट, पंच पांडव गुफा और प्रभास क्षेत्र की वैदिक विरासत की प्रस्तुति
संजीव सैनी ने बताया कि प्रदर्शनी में त्रिवेणी संगम घाट, पंच पांडव गुफा, प्रभास क्षेत्र की वैदिक विरासत, महाभारत एवं पुराणों से जुड़ी कथाएं, साथ ही सोमनाथ मंदिर के विभिन्न कालखंडों में हुए पुनर्निर्माण और संरक्षण की ऐतिहासिक झलक प्रस्तुत की गई है।
सोमनाथ केवल मंदिर नहीं, राष्ट्र्र गौरव और पुनर्जागरण का प्रतीक
प्रदर्शनी में यह भी दर्शाया गया है कि सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, राष्ट्र गौरव और पुनर्जागरण का प्रतीक है। प्रदर्शनी में यह संदेश भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है कि बार-बार के आक्रमणों के बावजूद सोमनाथ आज भी अडिग खड़ा है और यह भारत की असंख्य वीर संतानों के साहस व स्वाभिमान की गाथा है।
नई पीढ़ी को सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने का उद्देश्य
उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शनी का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारत की गौरवशाली धरोहर से जोड़ना, सांस्कृतिक चेतना को जागृत करना तथा राष्ट्र निर्माण में सनातन परंपरा के योगदान को रेखांकित करना है। यह प्रदर्शनी आम नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं एवं इतिहास प्रेमियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी रहेगी।