गांव शाहुपुरा खादर में पंचायत उपचुनाव के मद्देनजर धारा 163 लागू: जिला मजिस्ट्रेट आयुष सिन्हा
- 10 मई को मतदान केंद्रों के आसपास हथियार लेकर घूमने और पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने पर रहेगी रोक
May 10, 2026, 10:04 IST
फरीदाबाद, 09 मई। जिला मजिस्ट्रेट एवं उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने गांव शाहुपुरा खादर, ब्लॉक तिगांव में 10 मई 2026 को होने वाले पंचायत उपचुनाव के मद्देनजर कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किए हैं।
जारी आदेशों के अनुसार गांव शाहुपुरा खादर के मतदान केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने तथा आग्नेयास्त्र, तलवार, गंडासा, भाला, लाठी, जेली, चाकू अथवा किसी भी प्रकार के घातक हथियार लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश 10 मई 2026 को मतदान प्रक्रिया के दौरान प्रभावी रहेगा।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि पंचायत उपचुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए यह कदम उठाया गया है। आदेशों का उद्देश्य क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आदेश ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों, अन्य सरकारी अधिकारियों एवं चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। इसके अतिरिक्त परंपरागत रीति-रिवाजों के तहत हथियार धारण करने वाले समुदायों को भी नियमानुसार छूट रहेगी, बशर्ते वे कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी गतिविधि में शामिल न हों।
जिला मजिस्ट्रेट एवं उपायुक्त आयुष सिन्हा ने संबंधित अधिकारियों को आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आदेशों के उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जारी आदेशों के अनुसार गांव शाहुपुरा खादर के मतदान केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने तथा आग्नेयास्त्र, तलवार, गंडासा, भाला, लाठी, जेली, चाकू अथवा किसी भी प्रकार के घातक हथियार लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश 10 मई 2026 को मतदान प्रक्रिया के दौरान प्रभावी रहेगा।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि पंचायत उपचुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए यह कदम उठाया गया है। आदेशों का उद्देश्य क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आदेश ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों, अन्य सरकारी अधिकारियों एवं चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। इसके अतिरिक्त परंपरागत रीति-रिवाजों के तहत हथियार धारण करने वाले समुदायों को भी नियमानुसार छूट रहेगी, बशर्ते वे कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी गतिविधि में शामिल न हों।
जिला मजिस्ट्रेट एवं उपायुक्त आयुष सिन्हा ने संबंधित अधिकारियों को आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आदेशों के उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।