पंजाब और हरियाणा भौगोलिक रूप से अलग-अलग राज्य हो सकते हैं, लेकिन हमारी आत्मा एक: नायब सिंह सैनी
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि संतों के लिए राज्यों की कोई सरहद नहीं होती, वे तो संपूर्ण मानवता के लिए होते हैं। संतों का जीवन ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना का उदाहरण होता है। पंजाब की ही तरह हरियाणा में भी सतगुरु ब्रह्मानंद महाराज के शिष्य बड़ी संख्या में हैं। सतगुरु ब्रह्मानंद महाराज की शिक्षाओं की हरियाणा में भी उतना ही मान्यता है जितनी पंजाब में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सतगुरु ब्रह्मानंद महाराज भूरीवाले जैसे संत-महापुरुषों ने मानवता की सेवा के लिए जो मार्ग अपनाया था उसी रास्ते पर चलकर हरियाणा सरकार गरीबों-पिछड़ों, बेटियों-महिलाओं और मानवता की सेवा कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सतगुरु ब्रह्मानंद महाराज ने जिस प्रकार मानवता की सेवा, अध्यात्म के प्रचार और समाज के उत्थान के काम किए वह हम सबके लिए गर्व की बात है। इसी प्रकार के विचार पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे महापुरुषों के भी रहे हैं जिन्होंने अंत्योदय का सिद्धांत दिया जिसका मकसद समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की भलाई करना है। केंद्र और हरियाणा की डबल इंजन सरकार आज इन्हीं महापुरुषों के सिद्धांतों को अपनाकर जन-जन की सेवा कर रही है।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जिस प्रकार सतगुरु ब्रह्मानंद महाराज की प्रेरणा से आज इस क्षेत्र में लड़कियों के 4 कॉलेज और 3 स्कूल चल रहे हैं, उसी प्रकार हरियाणा सरकार ने बिना बाधा बेटियों की पढ़ाई को जारी रखने के लिए हरियाणा में हर 20 किलोमीटर के दायरे में सरकारी कॉलेज खुलवाए हैं ताकि हर बेटी को शिक्षित करने के इन महापुरुषों के सपने को पूरा किया जा सके। इसी का परिणाम है कि लाखों बेटियों को अपने घर के पास ही शिक्षा मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
उन्होंने कहा कि सतगुरु ब्रह्मानंद महाराज ने अपने कार्यों से हमें सिखाया कि परमात्मा की प्राप्ति केवल हिमालय की गुफाओं में नहीं होती बल्कि दीन-दुखियों की सेवा और मन की निर्मलता में है। उनका जीवन ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ का जीता-जागता उदाहरण है। उनकी शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी उनके जीवनकाल में थीं। सतगुरु ब्रह्मानंद महाराज ने अच्छे स्वास्थ्य के महत्व के बारे में भी आमजन को जीवनभर जागरूक किया। उन्होंने नशे जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जो अलख जगाई वह आज के नौजवानों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है।
श्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं से आह्वान किया कि आधुनिकता और तकनीक के इस दौर में अपनी जड़ों को हमेशा याद रखो। जिन पेड़ों की जड़ें मजबूत नहीं होती वे तूफानों में टिक नहीं सकते हैं। ब्रह्मानंद जी महाराज की शिक्षाएं हमारे लिए वही जड़ें हैं जो जीवन के हर संकट में हमें मजबूती से खड़े रहने की शक्ति दे सकती हैं। सतगुरु ब्रहमानंद महाराज का भौतिक शरीर बेशक आज हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनका सूक्ष्म स्वरूप, उनकी शिक्षाएं और आशीर्वाद हमेशा मानवता को नई दिशा दिखाता रहेगा।
इस अवसर पर स्वामी चेतनानंद महाराज, राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू व पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।