हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश के अधिकारियों ने लिया भाग, ईवीएम, डाकमत पत्र एवं मतदान प्रक्रिया विषय पर क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित
चंडीगढ़ - हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा “समावेशी, शांतिपूर्ण, सुदृढ़ एवं सतत् विश्व के लिए लोकतंत्र” विषय को केंद्र में रखते हुए ईवीएम, डाकमत पत्र, मतदान प्रक्रिया तथा क्षेत्रीय स्तर की चुनौतियों पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ एवं हिमाचल प्रदेश के अधिकारियों ने भाग लेकर चुनावी प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने पर विचार-विमर्श किया।
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री ए. श्रीनिवास ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2026 लोकतंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत ने इंटरनेशनल आई डी ई ए के काउंसिल ऑफ मेम्बर स्टेट्स की अध्यक्षता ग्रहण की है। उन्होंने बताया कि यह जिम्मेदारी भारत निर्वाचन आयोग के नेतृत्व तथा इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट के सहयोग से निभाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि इसी पहल के अंतर्गत हरियाणा को “बैलेटिंग इंक्लूडिंग इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन्स, पोस्टल बैलेट्स ” विषय पर अध्ययन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस उद्देश्य से विशेषज्ञों एवं परामर्शदाताओं की एक थीमैटिक टीम गठित की गई है, जिसने अध्ययन के कई महत्वपूर्ण चरण सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिए हैं।
कार्यशाला के दौरान श्री शम्भु, एचसीएस अधिकारी ने “ इलेक्ट्रॉनिक्स वोटिंग मशीन: गैप्स एंड चैलेंजिस ” विषय पर विस्तृत प्रस्तुति दी, जबकि श्रीमती शालिनी चेतल, एचसीएस अधिकारी ने “पोस्टल बैलट: इश्यूज इन द फील्ड” विषय पर अपने विचार साझा किए।
इसके अतिरिक्त, परिक्षित गोयल, सुबोध शर्मा तथा एमडीयू, रोहतक की प्रोफेसर निधि ने भी चुनावी प्रक्रिया, तकनीकी चुनौतियों तथा लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने संबंधी विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने ईवीएम एवं डाकमत पत्र प्रणाली को अधिक पारदर्शी, समावेशी और विश्वसनीय बनाने के लिए सुझाव साझा किए। साथ ही, चुनावी प्रक्रियाओं में तकनीक के बेहतर उपयोग और क्षेत्रीय स्तर पर आने वाली चुनौतियों के समाधान पर भी गंभीर चर्चा की।