New Rail Project : नए रेल प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, 3050 करोड़ के खर्च से बिछेगी 116KM लंबी लाइन
मार्च, 2027 तक चार बड़ी टनलों का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। परियोजना के अंतर्गत आबूरोड में नया प्लेटफार्म बनाया जा रहा है। 116.65 किलोमीटर लंबी रेल लाइन परियोजना पर करीब 30 अरब 50 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
13 सुरंग बनाई जाएंगी
प्रोजेक्ट के अंतर्गत कुल 13 सुरंग बनाई जाएंगी, जिनकी कुल लंबाई 13 किलोमीटर होगी। गुजरात के शक्तिपीठ अंबाजी में निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन के निकट सबसे बड़ी सुरंग बनेगी, जो 2300 मीटर लंबी होगी। उधमपुर-कटरा रेल लाइन परियोजना में सुरंगों के निर्माण की एनएटीएम (न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड) तकनीक से सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है। इस रेलमार्ग पर आबूरोड ब्लॉक के सुरपगला गांव के निकट सबसे ऊंचे पुल जिसकी ऊंचाई 80 मीटर होगी।
चार जिले होंगे कवर
परियोजना के तहत राजस्थान में सिरोही व गुजरात के मेहसाणा, साबरकांठा और बनासकांठा जिला कवर होंगे। आबूरोड सहित कुल 15 रेलवे स्टेशन होंगे। रेलमार्ग पर नए स्टेशनों में सबसे बड़ा स्टेशन गुजरात के अंबाजी में होगा। जहां छह मंजिला यात्री विश्रामालय बनाया जा रहा है। इससे शक्तिपीठ पर आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भी सुविधा उपलब्ध होगी।
परियोजना के तहत आबूरोड में कार्य जारी
आबूरोड ब्लॉक के कुई, चंद्रावती, सियावा, सुरपगला, डेरी समेत अन्य क्षेत्रों में रेल लाइन बिछाने, टनल निर्माण समेत अन्य कार्य चल रहे हैं सियावा के मालियावास क्षेत्र में एक बेस कैप बनाया है। जहां परीक्षण के लिए अस्थाई प्रयोगशाला स्थापित की है। आबूरोड स्टेशन पर नया प्लेटफाम बनाया जा रहा है, जहां से परियोजना अंतर्गत यात्री ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।
जैन और बौद्ध तीर्थ स्थल
गुजरात के मेहसाणा जिले में अरावली पर्वतमाला पर स्थित तारंगा हिल एक प्रसिद्ध जैन और बौद्ध तीथ स्थल है। यहां 12वीं शताब्दी में निर्मित जैन मंदिर है। जोगीड़ानी गुफा है, ज बौद्ध भिक्षुओं की ओर से उपयोग की जाती थी। परियोजना दो प्रमुख धार्मिक स्थल अंबाजी और तारंगा हिल को रेलवे नेटवर्क से जोड़ेगी।
3050 करोड़ रुपए आएगी लागत
तारंगा हिल-अंबाजी-आबूरोड नई रेललाइन परियोजना निर्माण कार पर लगभग 3050 करोड़ रुपए लागत आएगी। कार्य प्रगति पर है। भूमि अधिग्रहण कार्य पूरा किया जा चुका है। अर्थ वर्क, स्टेशन बिल्डिंग, रोड़ अंडर ब्रिज, टनल व अन्य कार्य तीव्र गति से चल रहे हैं। कुल 13 टनलों में से 4 बड़ी टनलों का निर्माण मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।