New Project : केंद्र सरकार ने तीन बड़े प्रोजेक्ट्स को दी मंजूरी, ₹18,509 करोड़ होंगे खर्च
ये अप्रूव्ड प्रोजेक्ट्स हैं
पहला कसारा-मनमाड (महाराष्ट्र) के बीच तीसरी और चौथी लाइन बनाएगा, दूसरा दिल्ली-अंबाला (दिल्ली और हरियाणा) के बीच तीसरी और चौथी लाइन बनाएगा और तीसरा बल्लारी-होसपेट (कर्नाटक) के बीच तीसरी और चौथी लाइन बनाएगा. ये सभी प्रोजेक्ट्स PM-गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत तैयार किए गए हैं. यह प्लान इंटीग्रेटेड प्लानिंग, स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी पर जोर देता है, जिससे लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी बढ़ेगी.
इन प्रोजेक्ट्स के फायदे
लाइन कैपेसिटी बढ़ने से पैसेंजर और माल ढुलाई आसान होगी, इंडियन रेलवे की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और सर्विस रिलायबिलिटी बेहतर होगी, कंजेशन कम होगा और ट्रेन पंक्चुएलिटी में सुधार होगा. ये प्रोजेक्ट्स लगभग 3,902 गांवों (जिनकी कुल आबादी लगभग 9.7 मिलियन है) को बेहतर रेल कनेक्टिविटी देंगे और कोयला, स्टील, आयरन ओर, सीमेंट, फर्टिलाइजर, अनाज, कंटेनर और दूसरे सामानों के लिए 96 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) की फ्रेट कैपेसिटी बढ़ाएंगे.
टूरिस्ट जगहों को फायदा
ये रास्ते कई जरूरी टूरिस्ट जगहों को जोड़ते हैं, जैसे त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग और भवाली डैम (कसारा-मनमाड रूट), श्री माता वैष्णो देवी (कटरा) और श्रीनगर इलाका (दिल्ली-अंबाला रूट), हम्पी (UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट), बल्लारी किला, दारोजी स्लॉथ बेयर सैंक्चुअरी, तुंगभद्रा डैम, विजया विट्ठल मंदिर, वगैरह (बल्लारी-होसपेटे रूट), जिससे पहुंचना आसान हो जाता है.
रोजगार और विकास
सरकार के मुताबिक, ये प्रोजेक्ट 'न्यू इंडिया' के विजन के मुताबिक हैं. इनसे इलाके का विकास होगा, लोकल लोगों के लिए रोजगार और सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट के मौके बढ़ेंगे. कंस्ट्रक्शन के काम से हजारों लोगों को डायरेक्ट और इनडायरेक्ट रोजगार मिलेगा.
प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन
इन प्रोजेक्ट्स के 2030-31 तक पूरा होने की उम्मीद है. यह फैसला रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने, आर्थिक विकास में तेजी लाने और गांव-शहरी कनेक्टिविटी को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. इससे यात्रा ज्यादा सुरक्षित, तेज और सस्ती हो जाएगी और माल ढुलाई में भी क्रांति आएगी.