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 हरियाणा IDFC बैंक घोटाले में ED ने कोर्ट में किए बड़े खुलासे, 570 करोड़ नहीं, 645 करोड़ की हुई धोखाधड़ी 

 
Naya Haryana : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक घोटाले में धन के लेन-देन का खुलासा करते हुए, ED ने पंचकूला की एक कोर्ट को बताया कि इस घोटाले के मास्टरमाइंड, IDFC फर्स्ट बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक, रिभव ऋषि ने तीन फर्मों के माध्यम से 570.82 करोड़ रुपए की हेराफेरी की।

मिली जानकारी के अनुसार, एक फर्म में उन्होंने अपने ड्राइवर हेमराज को मालिक बनाया, दूसरी में हेमराज की पत्नी सपना और उनके निजी सहायक भूपिंदर सिंह साझेदार थे, और तीसरी में उनकी मां कमलेश कुमारी और चार्टर्ड अकाउंटेंट अंकुर शर्मा निदेशक थे। सबसे अहम बात यह है कि ईडी ने धोखाधड़ी की राशि 645.59 करोड़ रुपए आंकी है। Haryana News

जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने हरियाणा सरकार के विभागों, चंडीगढ़ नगर निगम और चंडीगढ़ नवीकरणीय ऊर्जा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संवर्धन समिति (CREST) के अलावा पंचकुला के दो प्राइवेट स्कूलों को भी नहीं बख्शा। IDFC फर्स्ट बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर अभय कुमार ने अपनी पत्नी स्वाति सिंगला और साले अभिषेक सिंगला के नाम पर खोले गए मेसर्स स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स के माध्यम से 203.50 करोड़ रुपए की हेराफेरी की। Haryana News

10 दिन के रिमांड पर 2 अफसर

मिली जानकारी के अनुसार, पंचकूला स्थित PMLA के तहत विशेष कोर्ट ने सोमवार को रिभव ऋषि और अभय कुमार दोनों को 10 दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया, साथ ही उनके अधिवक्ताओं को प्रतिदिन एक घंटे के लिए उनसे मिलने की अनुमति दी।