Haryana News: हरियाणा में CM सैनी ने किए ये बड़े ऐलान, जानें मुख्यमंत्री ने क्या- क्या कहा?
सीएम ने कहा कि हमने बाढ़ से नागरिकों को हुई कठिनाइयों को कम करने के लिए ई क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला है। आज तक क्षतिपूर्ति पोर्टल पर प्रदेश के 2897 गांवों के 169738 किसानों ने 996701 एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण करवाया है। इसमें हमने बाढ़ और जलभराव से ग्रस्त क्षेत्रों में तुरंत राहत के लिए प्राथमिकताएं तय की है। इन सभी क्षेत्रों में राहत कार्य निरंतर चल रहा है।
सीएम सैनी ने कहा कि तत्काल राहत उपायों के लिए जिलों को आरक्षित निधि के रूप में कुल 3 करोड़ 6 लाख रुपये स्वीकृत किए है।
सीएम ने आगे कहा कि मुझे दुख है कि मकान ढहने से प्रदेश के 12 लोगों की जान चली गई। इनमें जिला फतेहाबाद व भिवानी में तीन-तीन, कुरुक्षेत्र व यमुनानगर में दो-दो और हिसार व फरीदाबाद में एक-एक व्यक्ति शामिल है।
सीएम सैनी न शोक संतप्त परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए 48 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता भी जारी की गई है।
वहीं बाढ के कारण अगर लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा तो हम ऐसे लोगों के लिए राहत शिविर लगाएँगे।
सीएम सैनी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में पानी भरा वहां खराब फसलों के लिए प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक का मुआवजा दिया जाता है।
सीएम सैनी ने कहा कि ऐसे क्षेत्रों में हरे चारे की कमी हुई तो इस समस्या को दूर करने के लिए हम उन जिलों से सूखा चारा मंगवाएंगे। इसके साथ ही सीएम ने कहा कि जलभराव वाले क्षेत्रों में गिर गए अथवा आंशिक नुकसान वाले मकानों का हम एक सर्वे करवाकर मकानों के नुकसान की भरपाई करेंगे।
सीएम सैनी ने आगे कहा कि हमने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में डॉक्टरों की टीमें भेजकर उनकी चिकित्सा के व्यापक प्रबंध किये है। अब तक 135 चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं और 376 शिविर चल रहे हैं।
सीएम सैनी ने कहा कि हमने पिछले दिनों जम्मू कश्मीर और पंजाब को 5 करोड़ रूपये की मदद की थी। आज हिमाचल प्रदेश के लिए हमारी सरकार ने 5 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अनौपचारिक रूप से कैबिनेट मंत्रियों के साथ बैठकर हरियाणा में बाढ़ के हालातों पर चर्चा की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन का जीएसटी सुधारों के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
प्रदेश में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा चलाया जाएगा। हमारे सभी विधायक और समर्थित विधायक एक महीने का वेतन बाढ़ राहत के लिए देंगे ।
सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से भी मुख्यमंत्री राहत कोष में स्वेच्छा से मदद का भी आग्रह किया है। जो मकान मालिक 20 साल से अगर एक जगह पर बैठा है और उसकी छत को नुकसान हुआ है तो उसकी सहायता भी सरकार करेगी।