रोड़ी में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर भव्य कार्यक्रम, मूर्ति का हुआ अनावरण
सिरसा। उड़ीसा के पूर्व राज्यपाल प्रो गणेशी लाल ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने हमें जो संविधान दिया, वह हर नागरिक को समान अधिकार और सम्मान देता है। आज जरूरत है कि हम उनके बताए मार्ग—शिक्षा, एकता और सामाजिक समरसता—को अपने जीवन में अपनाएं। जब तक समाज का हर वर्ग शिक्षित और सशक्त नहीं होगा, तब तक सच्चे अर्थों में विकास संभव नहीं है। प्रो गणेशी लाल गाँव रोड़ी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उनके साथ उनके पुत्र भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य मनीष सिंगला भी मौजूद थे।
यहाँ पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। सर्वप्रथम डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति का अनावरण प्रो गणेशी लाल के कर कमलों से किया गया। तत्पश्चात भव्य कार्यक्रम को संबोधित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सुरतिया रोड स्थित रविदास भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में बाबा साहेब को पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। प्रो गणेशी लाल, मनीष सिंगला ने इस मौके पर कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर ने देश को एक मजबूत संविधान दिया, जो आज भी भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव है।
उन्होंने समाज को शिक्षा, समानता और भाईचारे का संदेश दिया, जिसे हमें अपने जीवन में अपनाना चाहिए। बाबा साहेब का जीवन संघर्ष और प्रेरणा का प्रतीक है। उनके विचार आज भी समाज को आगे बढ़ने की राह दिखाते हैं। मनीष सिंगला ने इस मौके पर कहा कि युगो युगों में शताब्दियों में कोई माँ ऐसा लाल पैदा करती है जो एक सिर्फ़ नाम नहीं पूरा दा पूरा हिंदुस्तान बन जाता है। मैं ऐसी महान शक्सीयत को उनकी 134 वी जयंती पर पूरी श्रद्धा के साथ नमन करता हूँ मैं उनके माता पिता को भी आज कोटि कोटि नमन करता हूँ। आज हम सब उनकी मूर्ति अनावरण में एकत्र हुए हैं।इसके लिए आप सभी बधाई के पात्र हैं।
कार्यक्रम में विभिन्न स्कूल के स्टूडेंट्स को सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर पूर्व सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी, भाजपा जिला अध्यक्ष रेणु शर्मा, बलकौर सिंह, महामंत्री हरविंदर रोड़ी, सुखपाल सिंह सरपंच, भगवान सिंह नम्बरदार, रुलदू सिंह, योगेश महंत, निर्मल सिंह मलड़ी, दर्शन सिंह, नक्षत्र सिंह, शिव कुमार जिंदल, निजी सचिव हरपिंदर शर्मा, योगेश बिज़ारनिया, तेजा सिंह इत्यादि मौजूद थे।