प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए 'रोडमैप' तैयार- शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा
चंडीगढ़, 6 मई- हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य लक्ष्य राजकीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के अंतिम पायदान पर खड़े विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए वे भरसक प्रयास करें।
मंत्री आज यहां सिविल सचिवालय में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (डीईईओ) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में कैथल की उपायुक्त सुश्री अपराजिता ने कैथल के कई राजकीय स्कूलों में शुरू की गई 'Stumble Lab' का प्रस्तुतिकरण दिय़ा।
कुशल शिक्षकों की टीमें शिक्षा सुधार में निभाएंगी अहम भूमिका
शिक्षा मंत्री ने एक नई कार्ययोजना के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक जिले से 15 से 20 ऐसे प्रतिभाशाली शिक्षकों को चिन्हित किया जाए जो अपने कार्य में बेहद कुशल और अनुभवी हैं। इन शिक्षकों की एक विशेष टीम गठित की जाएगी, जो अपने नवाचारों और अनुभवों के माध्यम से स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा कि इस मॉडल को पहले जिला स्तर पर परखा जाएगा और सफल होने के बाद इसे पूरे प्रदेश के राजकीय स्कूलों में लागू किया जाएगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षा को दिया जाए बढ़ावा
मंत्री ने कहा कि कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020' को सबसे पहले लागू किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस नीति के मूल उद्देश्यों को ध्यान में रखकर ही विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धति का अनुशरण किया जाए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग का लक्ष्य ऐसे प्रतिभावान छात्र तैयार करना है जो न केवल प्रदेश, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पटल पर भी देश का नाम रोशन कर सकें।
अभिभावकों की समस्याओं का होगा त्वरित समाधान
शिक्षा मंत्री ने निजी और सरकारी दोनों प्रकार के स्कूलों में अभिभावकों को आने वाली समस्याओं पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभिभावकों की शिकायतों और समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में माध्यमिक शिक्षा के महानिदेशक श्री जितेंद्र दहिया, स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद श्रीमती वर्षा खांगवाल व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।