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 “रोहित धनखड़ केस में आईजी रोहतक से मिला प्रतिनिधिमंडल, बचे आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन”

 

रोहतक : 11 मई 2026, सोमवार अंतरराष्ट्रीय बॉडीबिल्डर एवं छह बार के राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता स्व. रोहित धनखड़ हत्याकांड मामले में आज धनखड़ खाप, ग्राम पंचायत हुमायूंपुर, लोकहित संस्था, राष्ट्रीय जाट महासभा तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल रोहतक रेंज के आईजी से मिलने पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने रोहित धनखड़ मामले में अब तक हुई कार्रवाई, लंबित गिरफ्तारी, फरार आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की।

प्रतिनिधिमंडल ने आईजी रोहतक के समक्ष स्पष्ट रूप से कहा कि रोहित धनखड़ हत्याकांड केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि समाज की नैतिकता, महिलाओं के सम्मान और कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाला मामला है। प्रतिनिधियों ने कहा कि रोहित धनखड़ ने केवल महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए आवाज उठाई थी और उसी कारण उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। ऐसे में यदि इस मामले में सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तो समाज में गलत संदेश जाएगा।

आईजी रोहतक ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि इस मामले में शेष बचे आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी और जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। बैठक के दौरान आईजी ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों, एएसपी तथा एसआईटी के इंचार्ज आयुष यादव से फोन पर बातचीत की और इस मामले में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इसके बाद प्रतिनिधिमंडल एएसपी एवं एसआईटी इंचार्ज आयुष यादव से भी मिला। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें पूरे घटनाक्रम, समाज की भावनाओं तथा परिवार की पीड़ा से अवगत कराया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि पुलिस पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रही है और जल्द ही बचे हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। साथ ही फरार आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने, उन्हें कानून के अनुसार घोषित अपराधी बनाने तथा अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को भी तेज किया जाएगा।

प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को यह भी अवगत कराया कि रोहित धनखड़ की हत्या को कई महीने बीत जाने के बावजूद परिवार आज भी मानसिक, सामाजिक और आर्थिक संघर्ष से गुजर रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि रोहित अपनी विधवा मां का इकलौता सहारा था और आज परिवार न्याय की उम्मीद में लगातार प्रशासन और सरकार के दरवाजे खटखटा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज अब भी प्रशासन पर विश्वास बनाए हुए है, लेकिन न्याय में लगातार हो रही देरी लोगों में आक्रोश पैदा कर रही है।

रोहित धनखड़ मामले में बीते महीनों में परिवार और खाप पंचायतों ने लगातार न्याय की मांग उठाई। परिवार पहले भिवानी पुलिस प्रशासन से मिला, उसके बाद रोहतक रेंज के अधिकारियों से मुलाकात की गई। इसके पश्चात प्रतिनिधिमंडल हरियाणा के पुलिस महानिदेशक से भी मिला, जहां सभी आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया था। बाद में सर्वखाप पंचायत, धनखड़ खाप, राष्ट्रीय जाट महासभा और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा रोहतक जाट भवन में विशाल महापंचायत आयोजित की गई, जिसमें हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उस महापंचायत में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था कि रोहित धनखड़ को न्याय दिलाने के लिए समाज हर स्तर पर संघर्ष करेगा।

इसके बाद प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री हरियाणा से भी मिला था, जहां मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच को भिवानी से रोहतक ट्रांसफर करने तथा प्रभावी कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया गया था। अब जांच रोहतक में आने के बाद समाज को उम्मीद है कि निष्पक्ष और मजबूत कार्रवाई होगी तथा सभी वास्तविक आरोपी जल्द गिरफ्तार किए जाएंगे।

आज की बैठक में प्रतिनिधियों ने प्रशासन से यह भी कहा कि समाज किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं चाहता, लेकिन कोई भी दोषी बचना भी नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी जाति या व्यक्तिगत दुश्मनी की नहीं, बल्कि न्याय, महिलाओं के सम्मान और कानून के राज की लड़ाई है। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से आग्रह किया कि जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता से की जाए, ताकि समाज का कानून व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।

इस अवसर पर लोकहित संस्था के संयोजक एवं समाजसेवी एडवोकेट चंचल नांदल, राष्ट्रीय जाट महासभा हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष रामकिशन पावरिया, हुड्डा खाप के राष्ट्रीय प्रवक्ता कृष्ण लाल हुड्डा, हुमायूंपुर के पूर्व सरपंच संदीप धनखड़, रोहित धनखड़ के चाचा सतीश धनखड़, सूबेदार दिलबाग, चौधरी पाले, बखेता से चांद, जयपाल धनखड़, राजेश शर्मा, मुकेश धनखड़ सहित अनेक सामाजिक एवं पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे।

बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि आज की बातचीत सकारात्मक रही है और उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही निर्णायक कार्रवाई करेगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में भी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई में अनावश्यक देरी हुई तो समाज पुनः बड़े स्तर पर पंचायत और आंदोलन की रणनीति बनाने को मजबूर होगा। फिलहाल समाज प्रशासन को पूरा सहयोग देते हुए न्याय की उम्मीद बनाए हुए है।