पशुपालक अपने पशुओं का मुंह खुर व गलघोटू संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए करवाएं टीकाकरण
May 12, 2026, 00:54 IST
रोहतक, 11 मई : उपायुक्त सचिन गुप्ता ने जिला के पशुपालकों का आह्वान किया है कि वे पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा पशुओं को मुंह खुर एवं गलघोटू जैसी गंभीर एवं संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से आज शुरू किए गए विशेष संयुक्त टीकाकरण अभियान के दौरान अपने पशुओं का टीकाकरण अवश्य करवाएं। पशु सुरक्षा चक्र नामक इस अभियान के अंतर्गत जिला के लगभग 2 लाख पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है तथा जिला में इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 65 टीमें गठित की गई हैं।
सचिन गुप्ता ने कहा है कि विभाग की टीमें इस अभियान के दौरान गांव-गांव जाकर घर-घर पशुओं का टीकाकरण करेंगी, ताकि कोई भी पात्र पशु टीकाकरण से वंचित न रहे। हरियाणा उन राज्यों में शामिल है, जहां मुंह खुर एवं गलघोटू रोगों के नियंत्रण के लिए संयुक्त वैक्सीन का उपयोग किया जा रहा है। टीकाकरण करवाने के लिए पशुओं की टैगिंग अनिवार्य होगी। विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी प्रत्येक पशु का पंजीकरण भारत सरकार के भारत पशुधन ऐप पर करेंगे तथा टीकाकरण के तुरंत बाद उसका रिकॉर्ड ऑनलाइन अपलोड करेंगे।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा है कि पशुओं में मुंह खुर एवं गलघोटू दोनों ही अत्यंत गंभीर और संक्रामक बीमारियां हैं। मुंह खुर रोग में तेज बुखार, अधिक लार गिरना, मुंह और पैरों में छाले, भूख कम लगना तथा दूध उत्पादन में गिरावट जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। वहीं गलघोटू रोग में तेज बुखार, सांस लेने में कठिनाई तथा गले के नीचे सूजन जैसे लक्षण पाए जाते हैं, जो कई बार पशुओं की मृत्यु का कारण भी बन सकते हैं।
विभाग के कार्यकारी उपनिदेशक डॉ. नरेंद्र दहिया ने बताया कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित एवं प्रभावी है। उन्होंने सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे विभाग की टीमों का पूर्ण सहयोग करें तथा अपने सभी पात्र पशुओं का इस अभियान के दौरान टीकाकरण करवाकर उन्हें गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखें।
सचिन गुप्ता ने कहा है कि विभाग की टीमें इस अभियान के दौरान गांव-गांव जाकर घर-घर पशुओं का टीकाकरण करेंगी, ताकि कोई भी पात्र पशु टीकाकरण से वंचित न रहे। हरियाणा उन राज्यों में शामिल है, जहां मुंह खुर एवं गलघोटू रोगों के नियंत्रण के लिए संयुक्त वैक्सीन का उपयोग किया जा रहा है। टीकाकरण करवाने के लिए पशुओं की टैगिंग अनिवार्य होगी। विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी प्रत्येक पशु का पंजीकरण भारत सरकार के भारत पशुधन ऐप पर करेंगे तथा टीकाकरण के तुरंत बाद उसका रिकॉर्ड ऑनलाइन अपलोड करेंगे।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा है कि पशुओं में मुंह खुर एवं गलघोटू दोनों ही अत्यंत गंभीर और संक्रामक बीमारियां हैं। मुंह खुर रोग में तेज बुखार, अधिक लार गिरना, मुंह और पैरों में छाले, भूख कम लगना तथा दूध उत्पादन में गिरावट जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। वहीं गलघोटू रोग में तेज बुखार, सांस लेने में कठिनाई तथा गले के नीचे सूजन जैसे लक्षण पाए जाते हैं, जो कई बार पशुओं की मृत्यु का कारण भी बन सकते हैं।
विभाग के कार्यकारी उपनिदेशक डॉ. नरेंद्र दहिया ने बताया कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित एवं प्रभावी है। उन्होंने सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे विभाग की टीमों का पूर्ण सहयोग करें तथा अपने सभी पात्र पशुओं का इस अभियान के दौरान टीकाकरण करवाकर उन्हें गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखें।