एक लाख की रिश्वत लेते कृषि विकास अधिकारी गिरफ्तार, झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर मांगे थे 3 लाख रुपये
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एसीबी की टीम ने एक रिश्वतखोर कृषि विकास अधिकारी को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी कंपनी को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर तीन लाख रुपये की मांग कर रहा था।
जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता अजीत कुमार कश्यप ने एसीबी को शिकायत दी थी कि वह हैदराबाद स्थित साईं भव्या सीड्स कंपनी में एरिया सेल्स मैनेजर के पद पर तैनात है। उन्होने बताया कि उनकी कंपनी धान और पक्का के बीजों की सप्लाई करती है। उन्होने बताया कि अगस्त महीने में बिक्री के बाद जो बीज बच गए थे उनको दरिमा रोड स्थित मां महामाया कोल्ड स्टोरेज में भंडारित किया था।
इसके बारे में बीज निरीक्षक व कृषि विकास अधिकारी सोहन लाल भगत को इसकी जानकारी मिली। जिसके बाद उसने सेल्स मैनेजर को धमकाना शुरु कर दिया और उससे झूठे केस में फंसाकर तीन लाख रुपये की रिश्वत की मांग की।
शिकायतकर्ता अजीत कुमार कश्यप रिश्वत देने के पक्ष में नहीं थे. उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ACB को दी और आरोपी को रंगे हाथों पकड़वाने का फैसला लिया. ACB ने शिकायत की प्राथमिक जांच की और आरोप सही पाए जाने पर ट्रैप की योजना बनाई. पूर्व तय योजना के तहत 12 अप्रैल 2026 को शिकायतकर्ता ने आरोपी अधिकारी को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 1 लाख रुपये दिए. जैसे ही सोहन लाल भगत ने रुपये स्वीकार किए, वहां पहले से मौजूद ACB टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया.
भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज
ACB अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है. इस कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट संदेश गया है कि रिश्वतखोरी और पद के दुरुपयोग को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. प्रशासनिक महकमे में इस गिरफ्तारी को लेकर चर्चा तेज है और अन्य अधिकारियों में भी डर का माहौल है.