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 फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत तक अनुदान के लिए 3 अगस्त तक करें ऑनलाइन आवेदन : उपायुक्त आयुष सिन्हा

 

फरीदाबाद, 20 जुलाई।
फसल अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा देने तथा पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हरियाणा द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए फसल अवशेष प्रबंधन योजना के अंतर्गत कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजना के तहत पात्र किसानों को विभिन्न कृषि यंत्रों की खरीद पर 50 प्रतिशत अथवा सरकार द्वारा निर्धारित अधिकतम सीमा (जो भी कम हो) तक अनुदान प्रदान किया जाएगा।

उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने बताया कि पराली का वैज्ञानिक प्रबंधन वर्तमान समय की आवश्यकता है। आधुनिक कृषि यंत्र किसानों की लागत कम करने, खेती को अधिक लाभकारी बनाने के साथ-साथ वायु प्रदूषण की रोकथाम और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली जलाने के बजाय सरकार की योजनाओं का लाभ उठाते हुए आधुनिक एवं टिकाऊ खेती की तकनीकों को अपनाएं।

उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक किसान का छोटा-सा प्रयास जिले और प्रदेश को प्रदूषण मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। सरकार किसानों को पूरी पारदर्शिता के साथ अनुदान उपलब्ध करा रही है, इसलिए पात्र किसान निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर योजना का लाभ अवश्य उठाएं। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन्होंने खरीफ एवं रबी सीजन 2025-26 के दौरान 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है। जिन किसानों अथवा उनके परिवार के किसी सदस्य (परिवार पहचान पत्र के अनुसार) के नाम पिछले दो सीजन में पराली जलाने के कारण रेड एंट्री दर्ज है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।

उपायुक्त ने बताया कि इच्छुक किसान संबंधित पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एक परिवार पहचान पत्र पर केवल एक आवेदन ही स्वीकार किया जाएगा। आवेदन के साथ पैन कार्ड, ट्रैक्टर की आरसी (ट्रैक्टर चालित मशीनों के लिए), लघु एवं सीमांत किसानों के लिए पटवारी रिपोर्ट तथा स्व-घोषणा पत्र अपलोड करना अनिवार्य होगा।

उन्होंने कहा कि लाभार्थियों का चयन उपायुक्त की अध्यक्षता में ऑनलाइन ड्रॉ ऑफ लॉट्स के माध्यम से पूर्ण पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। चयनित किसानों को परचेज परमिट जारी होने के बाद अधिकृत डीलर से मशीन खरीदनी होगी। मशीन का भुगतान किसान को अपने बैंक खाते से ऑनलाइन अथवा चेक के माध्यम से करना होगा। डीलर द्वारा पोर्टल पर बिल एवं फोटो अपलोड करने के बाद जिला स्तरीय समिति मशीनों का भौतिक सत्यापन करेगी। सत्यापन पूर्ण होने पर अनुदान राशि सीधे किसान के आधार लिंक एवं डीबीटी सक्षम बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी।

कृषि विभाग के सहायक अभियंता यादवेन्द्र चौहान ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 3 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है तथा10 अगस्त को ऑनलाइन ड्रॉ के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जाएगा और 14 अगस्त तक चयनित किसानों को परचेज परमिट जारी कर दिए जाएंगे। किसानों के लिए मशीन खरीदने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। डीलरों द्वारा बिल अपलोड करने की अंतिम तिथि 7 सितंबर 2026 रहेगी, जबकि मशीनों का भौतिक सत्यापन14 से 16 सितंबर 2026 के बीच किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत सुपर एस.एम.एस. हैप्पी सीडर, स्मार्ट सीडर, सुपर सीडर, बेलर मशीन, स्ट्रॉरेक, श्रब मास्टर, जीरो टिल ड्रिल, मल्चर, क्रॉप रीपर, लोडर सहित अन्य फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्रों पर अनुदान का लाभ प्रदान किया जाएगा।