केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने प्रदेशों में खरीफ फसल की बुआई की वर्चुअली समीक्षा की
रोहतक, 23 जून : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर में अलनीनो के प्रभाव से खरीफ फसलों की बुआई पर हुये असर की विभिन्न प्रदेशों के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रियों एवं उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अलनीनो के प्रभाव से हुई कम वर्षा से संबंधित प्रदेशों व जिलों में खरीफ फसल की बुआई के लिए आकस्मिक योजना तैयार की जाये ताकि फसल उत्पादन प्रभावित न हो।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खेती बचाव कार्यक्रम के तहत धान की सीधी बिजाई एवं फसलों के विविधीकरण के संदर्भ में आवश्यक हिदायतें भी दी। अलनीनो के प्रभाव से इस मॉनसून सीजन के दौरान कम बारिश होने की आशंका है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अधिकारी केंद्र सरकार द्वारा किसानों के हित में क्रियान्वित की जा रही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा किसानों को कवर करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करें ताकि खेती को जोखिम मुक्त किया जा सके। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना के तहत देशभर में पात्र किसानों के खातों में वर्ष भर में 6000 रुपये की आर्थिक सहायता राशि भेजी जा रही है।
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्रदेश में लगभग 65 प्रतिशत खरीफ की फसल की सिंचाई ट्यूबवेल आधारित है। सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र को वर्तमान में 8 घंटे बिजली आपूर्ति उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से कृषि क्षेत्र को अतिरिक्त दो घंटे बिजली आपूर्ति करवाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा धान की सीधी बिजाई को प्रोत्साहित करने के लिए 4500 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इसी तरह गत वर्ष ली गई धान की फसल से संबंधित खेत में इस वर्ष वैकल्पिक फसल लेने पर किसान को 8 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने स्थानीय कैंप कार्यालय वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे इस संदर्भ में आवश्यक कार्यवाही करें। उन्होंने जिला में खरीफ फसलों की बुआई के लिए उपलब्ध रासायनिक खादों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि जिला में डीएपी व यूरिया की की किसी भी हालत में कालाबाजारी न हो सके। किसानों को समय पर रासायनिक खादों की उपलब्धता सुनिश्चित करवाई जाये ताकि खरीफ फसलों की बुआई निर्बाध रूप से हो सके।
सचिन गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अलनीनो के प्रभाव से मॉनसून सीजन में कम बारिश होने की आशंका जताई गई है। जिला में किसानों को कम पानी की खपत वाली फसलें जैसे बाजरा व दलहनी फसलों में मूंग की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जाये। सरकार के निर्देशानुसार रासायनिक खादों की सप्लाई में से 60 प्रतिशत खाद सहकारी समितियों को वितरित किये जायेंगे तथा निजी एजेंसियों को 40 प्रतिशत खाद वितरित किया जायेगा। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा इस संदर्भ में सभी हितधारकों के साथ बैठके आयोजित की जा चुकी है। बैठक में कृषि उपनिदेशक डॉ. सुरेंद्र मलिक, गुणवत्ता नियंत्रक निरीक्षक डॉ. दिनेश शर्मा व एपीपीओ बलवंत सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।