हरियाणा के 11 नगर निगमों में दो 'कानूनी कसौटी' पर फेल -
चंडीगढ़ -- हरियाणा के शहरी प्रशासन से जुड़ा एक ऐसा तथ्य सामने आया है, जिसने प्रदेश के दो नगर निगमों के कानूनी दर्जे पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा हालिया जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार हरियाणा के 11 नगर निगमों में से मानेसर और अम्बाला नगर निगमों की आबादी हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 में निर्धारित न्यूनतम तीन लाख की सीमा से कम है। इनमें मानेसर की जनसंख्या तो आवश्यक सीमा की लगभग आधी ही है।
शहरी निकाय विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध और 16 जुलाई, 2026 तक अपडेट आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार फरीदाबाद नगर निगम 20,42,186 की आबादी के साथ प्रदेश का सबसे बड़ा नगर निगम है, जबकि मानेसर नगर निगम मात्र 1,62,617 की आबादी के साथ सबसे छोटा है। दूसरी ओर अम्बाला नगर निगम की आधिकारिक जनसंख्या 2,57,942 दर्ज है, जो कानून में निर्धारित न्यूनतम सीमा से 42,058 कम है।
सरकारी वेबसाइट पर उपलब्ध ताजा आंकड़ों का विश्लेषण
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एडवोकेट एवं म्युनिसिपल कानून विशेषज्ञ हेमंत कुमार ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए बताया कि प्रत्येक नगर निकाय की जनसंख्या का स्रोत हरियाणा सरकार का सिटीजन रिसोर्सेज इन्फॉर्मेशन डिपार्टमेंट (CRID) है और यह आंकड़े 16 जुलाई, 2026 तक अद्यतन हैं।
उन्होंने बताया कि नगर निकायों में पंजीकृत संपत्तियों का डेटा विभाग के प्रॉपर्टी टैक्स पोर्टल से लिया गया है, जबकि क्षेत्रफल संबंधी आंकड़े विभाग की जीआईएस (Geographical Information System) प्रणाली के अनुसार 7 मई, 2026 तक अपडेट हैं।
फरीदाबाद सबसे बड़ा, मानेसर सबसे छोटा
जनसंख्या के आधार पर प्रदेश के नगर निगमों की स्थिति इस प्रकार है—
| नगर निगम |
आधिकारिक जनसंख्या |
| फरीदाबाद |
20,42,186 |
| गुरुग्राम |
11,31,859 |
| पानीपत |
6,97,159 |
| यमुनानगर |
5,47,091 |
| रोहतक |
4,66,254 |
| करनाल |
4,12,933 |
| हिसार |
3,86,112 |
| सोनीपत |
3,79,994 |
| पंचकूला |
3,01,568 |
| अम्बाला |
2,57,942 |
| मानेसर |
1,62,617 |
क्षेत्रफल के लिहाज से 297.99 वर्ग किलोमीटर के साथ गुरुग्राम प्रदेश का सबसे बड़ा नगर निगम है, जबकि फरीदाबाद 285.89 वर्ग किलोमीटर के साथ दूसरे स्थान पर है।
कानून क्या कहता है?
हेमंत ने बताया कि हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 3(2) के परन्तुक के अनुसार किसी क्षेत्र में नगर निगम स्थापित करने के लिए न्यूनतम तीन लाख जनसंख्या होना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि जब सरकार के अपने ही आधिकारिक आंकड़े अम्बाला और मानेसर नगर निगमों की आबादी तीन लाख से कम दर्शा रहे हैं, तब इन दोनों नगर निगमों के कानूनी अस्तित्व और वैधता पर गंभीर प्रश्न स्वाभाविक रूप से खड़े होते हैं।
चुनाव से पहले भी उठाया था मुद्दा
हेमंत कुमार ने बताया कि उन्होंने मार्च 2025 में मानेसर नगर निगम के पहले आम चुनाव तथा मई 2026 में अम्बाला नगर निगम के चुनाव से पूर्व हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग तथा शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव, निदेशक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजकर आग्रह किया था कि चुनाव कराने से पहले दोनों नगर निगमों की आधिकारिक जनसंख्या कानून के अनुरूप न्यूनतम तीन लाख सुनिश्चित की जाए।
उनका कहना है कि आज तक न तो इस संबंध में कोई कार्रवाई की गई और न ही उनके नोटिस का कोई उत्तर दिया गया।
नए नगर निकाय कानून में भी बरकरार है तीन लाख की शर्त
हेमंत ने बताया कि दिसंबर 2025 में हरियाणा विधानसभा द्वारा पारित हरियाणा नगर निकाय विधेयक, 2025 में भी नगर निगम के गठन के लिए न्यूनतम तीन लाख की जनसंख्या का प्रावधान यथावत रखा गया है। यह विधेयक राज्यपाल द्वारा राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा जा चुका है और वर्तमान में विचाराधीन है।
उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार स्वयं भी नगर निगम गठन के लिए तीन लाख की न्यूनतम आबादी के सिद्धांत को आवश्यक मानती है। ऐसे में अम्बाला और मानेसर नगर निगमों की वर्तमान स्थिति पर सरकार को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
बढ़ सकती है कानूनी बहस
नगर निगम गठन के लिए न्यूनतम जनसंख्या का प्रावधान स्वयं कानून में निहित होने और सरकार के आधिकारिक आंकड़ों में दो नगर निगमों की आबादी निर्धारित सीमा से कम होने के कारण यह मामला अब केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि कानूनी बहस का भी विषय बन सकता है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर सरकार की स्थिति और न्यायिक परीक्षण दोनों पर सबकी नजर रहेगी।