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गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा का सफर होगा आसान; नमो भारत RRTS कॉरिडोर को मंजूरी, यहां बनेंगे 18 नए स्टेशन

 

Naya Haryana : हरियाणा वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। हरियाणा के NCR क्षेत्र में परिवहन के नए दौर की शुरुआत होने वाली है। जानकारी के मुताबिक, हरियाणा सरकार ने केंद्र के सहयोग से विकसित किए जा रहे गुरुग्राम–फरीदाबाद–नोएडा नमो भारत RRTS कॉरिडोर के अंतिम एलाइनमेंट (नक्शे) को मंजूरी दे दी है।

जानकारी के मुताबिक, करीब 15 हजार करोड़ रुपये की यह महत्वाकांक्षी परियोजना नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में यात्रा के तौर-तरीकों को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखती है। अब तक हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के बीच ‘आवागमन’ किसी चुनौती से कम नहीं है। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, लंबा जाम, समय की अधिकता और रोजमर्रा के आवागमन की समस्याओं को खत्म करने में इस नए कॉरिडोर के चालू हो जाने के बाद काफी मदद मिलेगी। गुरुग्राम से नोएडा का सफर सड़क मार्ग से तय करने में अभी डेढ़ से दो घंटे लगते हैं, जो कि कॉरिडोर पूरा होने के बाद मात्र 38 से 40 मिनट में पूरा हो जाएगा। Haryana News

20 मिनट में दूरी तय

नया कॉरिडोर बनने के बाद गुरुग्राम से फरीदाबाद की दूरी मात्र 20 मिनट में तय की जा सकेगी, जिसे अभी पूरा करने में एक घंटे से अधिक का समय लगता है। करीब 180 KM प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली नमो भारत ट्रेनें हर पांच से सात मिनट के अंतराल पर उपलब्ध होंगी, जिससे दिल्ली की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर निर्भरता व बोझ काफी कम हो जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, CM सैनी इस परियोजना को पूरा कराने में न केवल रुचि ले रहे हैं, बल्कि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के साथ व्यक्तिगत रूप से संपर्क में हैं। गुरुग्राम–फरीदाबाद–नोएडा नमो भारत RRTS कॉरिडोर कुल 64 KM लंबा होगा, जिसमें से 52 KM हिस्सा हरियाणा में आएगा। Haryana News

18 आधुनिक स्टेशन 

मिली जानकारी के अनुसार, पूरे रूट पर 18 आधुनिक स्टेशन बनाए जाएंगे। इस परियोजना की खास बात यह है कि इसे ‘डुअल माडल’ यानी RRTS और मेट्रो के संयुक्त सिस्टम के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत एक ही ट्रैक पर हाई-स्पीड नमो भारत ट्रेन और लोकल मेट्रो दोनों संचालित होंगी। इससे लागत और जमीन के उपयोग दोनों में संतुलन बनेगा। Haryana News

बिजनेस कॉरिडोर विकसित

जानकारी के मुताबिक, CM सैनी ने नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन को इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) जल्दी तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सरकार की योजना के अनुसार, दिसंबर 2026 तक निर्माण कार्य शुरू हो सकता है, जबकि 2031 तक इस कॉरिडोर को चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, यह परियोजना केवल परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे ‘मोबिलिटी और बिजनेस कॉरिडोर’ के रूप में भी देखा जा रहा है। गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे औद्योगिक केंद्रों को नोएडा के आइटी और कामर्शियल हब से जोड़कर यह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। Haryana News

इस तरह बंटा कॉरिडोर

जानकारी के मुताबिक, गुरुग्राम खंड करीब 14.5 KM का होगा, जिसकी शुरुआत इफको चौक से होगी और यह मिलेनियम सिटी सेंटर, सेक्टर-52 और ग्वाल पहाड़ी जैसे प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ेगा।

मिली जानकारी के अनुसार, फरीदाबाद सेक्शन 16 KM लंबा होगा, जो सैनिक कालोनी, NIT और बाटा चौक जैसे घनी आबादी वाले इलाकों से होकर गुजरेगा और आगे बढ़ते हुए बादशाहपुर के पास तक पहुंचेगा। Haryana News

वहीं नोएडा और ग्रेटर नोएडा की कनेक्टिविटी एफएनजी (फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद) एक्सप्रेसवे के जरिए सेक्टर 142/168 क्षेत्र से जुड़ेगी और इसका अंतिम स्टेशन सूरजपुर जंक्शन होगा।