हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, प्रदेश की अनधिकृत औद्योगिक कॉलोनियां अब होंगी नियमित
मिली जानकारी के अनुसार, उद्योग और वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल ने हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति में अधिसूचित 16 प्रोत्साहन योजनाओं के लिए नियमों में संशोधन किया है। Haryana News
जानकारी के मुताबिक, इनमें प्रौद्योगिकी अधिग्रहण सहायता, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र हेतु MSME एक्सचेंज इक्विटी योजना, परीक्षण उपकरण सहायता, बाजार विकास सहायता, पेटेंट पंजीकरण, ऊर्जा संरक्षण, जल संरक्षण, गुणवत्ता प्रमाणन सहायता और नेट SGSTके बदले निवेश Subsidyयोजना शामिल हैं।
योजना के लिए पात्र
मिली जानकारी के अनुसार, इसी तरह क्रेडिट रेटिंग योजना, सुरक्षा अनुपालन, अनुसंधान एवं विकास केंद्र, कोलेटरल-फ्री क्रेडिट गारंटी, प्रौदयोगिकी उन्नयन हेतु राज्य क्रेडिट लिंक्ड ब्याज सब्सिडी, मालभाड़ा सहायता और अवसंरचना औद्योगिक विकास योजना इसमें शामिल है। Haryana News
एक जनवरी 2021 से पहले से उत्पादन कर रहे सभी उद्योग योजना के लिए पात्र होंगे। इसके अलावा योजना का लाभ उन नई अल्ट्रा एवं मेगा परियोजनाओं, बड़ी परियोजनाओं तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को भी मिलेगा।
जानकारी के मुताबिक, जिन्होंने एक जनवरी 2021 के बाद और 31 दिसंबर 2025 से पहले प्लांट, मशीनरी या इक्विपमेंट में निवेश के रूप में कैपिटल खर्च किया है और वाणिज्यिक उत्पादन (पूंजी अनुदान के लिए) में आए हैं या जिसे सावधि ऋण (ब्याज अनुदान के लिए) मंजूर किया गया है। वह उद्यम जो नीति शुरू होने की तिथि यानी 01.01.2021 को या उसके बाद वाणिज्यिक उत्पादन में आए हैं। Haryana News
स्क्रूटनी फीस
मिली जानकारी के अनुसार, CM सैनी ने साल 2025-26 का बजट पेश करते हुए अनधिकृत औद्योगिक कालोनियों को नियमित करने की घोषणा की थी। अनधिकृत औद्योगिक कालोनियों को सभी संबंधित विभागों द्वारा तब तक वैध कालोनियां मानकर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जब तक उन पर उद्यमियों के आवेदन पर अंतिम फैसला नहीं हो जाता। Haryana News
जानकारी के मुताबिक, उद्यमियों को सामूहिक रूप से Portal पर औद्योगिक अनियमित कालोनी को नियमित करने के लिए आवेदन करना होगा। Portal पर अस्थाई छूट या नियमितीकरण प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करते समय हर आवेदन पत्र पर 25 रुपये प्रति वर्ग मीटर की स्क्रूटनी फीस लगेगी।