हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम के प्रयास लाए रंग, प्रदेश में औद्योगिक विकास को मिली गति
इस बारे मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एवं हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम के सह-अध्यक्ष अरुण कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए जिनमें भूमि आवंटन से लेकर विभिन्न औद्योगिक समूहों के प्रस्तावों पर भी विचार विमर्श कर मंजूरी दी गई। ईईसी बैठक में सोहना, बावल, बरही और धाठेड़ा औद्योगिक क्षेत्रों में 36 एकड़ से अधिक भूमि के आवंटन को मंजूरी दी गई।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम निवेश शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जिसमें देश व विदेश के उद्योग समूहों ने भाग लिया और हरियाणा में निवेश की सहमति जताई। मात्र एक सप्ताह में ही निगम द्वारा सात प्रमुख कंपनियों को औद्योगिक भूमि आवंटित कर तेज एवं प्रभावी शासन का उदाहरण प्रस्तुत किया है। इन परियोजनाओं के माध्यम से 1,315.70 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे 5,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। स्वीकृत परियोजनाओं में ट्रॉनटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड का 790 करोड़ रुपये का मेगा निवेश, ओरिएंट फैशन एक्सपोटर््स द्वारा 51.50 करोड़ रुपए, बोलहॉफ फास्टनिंग द्वारा 116.06 करोड़ रुपए, मैककोर इंडस्ट्रीज द्वारा 45.47 करोड़ रुपए, पारस पॉलिमर्स द्वारा 170 करोड़ रुपए, रिचाको एक्सपोर्ट्स द्वारा 92.97 करोड़ रुपए सहित अन्य औद्योगिक इकाइयों की परियोजनाएं शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में निवेशकों को पारदर्शी, त्वरित और भरोसेमंद औद्योगिक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। निवेश सम्मेलन के कुछ ही दिनों के भीतर भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी होना इस बात का प्रमाण है कि हरियाणा में ‘स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस’ केवल नीतिगत घोषणा नहीं, बल्कि प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा बन चुकी है।
उन्होंने विश्वास जताया कि इन निवेशों से हरियाणा की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा और मजबूत होगी तथा राज्य देश के अग्रणी विनिर्माण एवं प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में अपनी पहचान को और सुदृढ़ करेगा। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल, सहकारिता विभाग के प्रधान सचिव पंकज यादव, उत्पाद शुल्क एवं कराधान विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक डॉ यश गर्ग, शहरी संपदा हरियाणा के निदेशक डॉ अमित खत्री, हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक मुकुल कुमार, हरियाणा वित्तीय निगम के प्रबंध निदेशक सुशील सारवन भी मौजूद रहे।