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मुख्यमंत्री ने सचखंड श्री हुजूर साहिब नांदेड़ के दर्शन के लिए जा रही विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

 

चंडीगढ़, 5 मई -- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा करते हुए कहा कि 8 जून, 2026 को प्रदेश से भव्य सोमनाथ यात्रा का आयोजन किया जाएगा। सोमनाथ मंदिर हमारी अखंड आस्था, सांस्कृतिक धरोहर और आत्मसम्मान के पुनर्जागरण का प्रतीक है। भारत की सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक भगवान श्री सोमनाथ महादेव ज्योतिर्लिंग की पावन भूमि के प्रति गहरी श्रद्धा और आस्था है। भारत सरकार द्वारा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व - 1000 वर्ष की अखंड आस्था के अंतर्गत 11 जनवरी, 2027 तक एक वर्षव्यापी राष्ट्रीय स्मरणोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री मंगलवार को कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर आयोजित मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना समारोह में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने सचखंड श्री हुजूर साहिब नांदेड़ के दर्शन के लिए जा रहे यात्रियों की विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और यात्रियों से बातचीत कर शुभकामनाएं दी।

 

मुख्यमंत्री ने इस पवित्र यात्रा पर जा रहे यात्रियों को संकल्प दिलवाते हुए कहा कि वो गुरु साहिब की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारें। यही इस यात्रा की सच्ची सफलता होगी। इस दौरान मुख्यमंंत्री को स्मृत्ति चिह्न, सरोपा भेंटकर सम्मानित किया गया।

 

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज जो ट्रेन कुरुक्षेत्र से जा रही है वह दो महान तीर्थ स्थलों के बीच सेतु का काम कर रही है। एक तरफ धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र है, जहां भगवान श्रीकृष्ण जी ने मोहग्रस्त अर्जुन के माध्यम से संसार को गीता का उपदेश देकर जीवन का मार्ग दिखाया। यही नहीं, यह पावन धरा गुरु साहिबान के पावन चरणों से भी अनेक बार पवित्र हुई है। दूसरी तरफ, सचखंड श्री हुजूर साहिब, नांदेड़ वह पवित्र स्थान है, जहां दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ज्योति जोत समाए। इन दोनों पवित्र स्थलों को जोड़ने वाली यह विशेष ट्रेन भारत की आध्यात्मिक धारा के प्रवाह का प्रतीक बन रही है।

 

उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्राएं धार्मिक कार्यक्रम के साथ-साथ समाज को जोड़ने का माध्यम होती हैं। यह लोगों को संस्कारों से और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम होती हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन योजना के तहत श्री आनंदपुर साहिब- श्री फतेहगढ़ साहिब-श्री चमकौर साहिब-फिरोजपुर अमृतसर- खटकड़ कलां कलानौर-पटियाला विरासत सर्किट के विकास को मंजूरी दी है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में गत 25 नवम्बर को श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय समागम में शामिल होकर उन्हें नमन किया था। उन्होंने श्री गुरु तेग बहादुर को समर्पित सिक्के, डाक टिकट और कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। इससे पहले वर्ष 2019 में उन्होंने पंजाब के गुरदासपुर में डेरा बाबा से श्री करतारपुर साहिब गलियारे का उद्घाटन किया। तीर्थ यात्रियों के लिए अमृतसर से नांदेड़ तक विशेष हवाई सेवा शुरू की गई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के शहीदी दिवस को हर वर्ष वीर बाल दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। हर साल 26 दिसम्बर को वीर बाल दिवस पूरे देश में अत्यंत श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य हमारी आस्था को सशक्त करना और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री सचखंड हुजूर साहिब, नांदेड़ सिख इतिहास और परंपरा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां जाकर हर श्रद्धालु को दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की शिक्षाओं, उनके त्याग और उनके बलिदान की अनुभूति होती है। उन्होंने हमें सिखाया कि धर्म की रक्षा के लिए, अन्याय के खिलाफ खड़ा होना चाहिए और मानवता की सेवा के लिए हमें सदैव तत्पर रहना चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि इससे पहले गत 28 मार्च को भगवान श्री राम की जन्मभूमि, अयोध्या धाम के लिए विशेष तीर्थ ट्रेन भेजी गई थी। उसके बाद आज यह दूसरी ट्रेन श्री हजूर साहिब भेजी जा रही है। आज प्रदेश के 9 जिलों से 800 से अधिक श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा पर भेजा जा रहा है। इस यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए ट्रेन में खान-पान और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का यह संकल्प है कि हमारे बुजुर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के श्रद्धालु, धन के अभाव में तीर्थ यात्रा से वंचित न रहें। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना की शुरुआत की गयी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अन्य तीर्थों के दर्शन के लिए भी वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। स्वर्ण जयन्ती सिन्धु दर्शन योजना के तहत 10 हजार रुपये प्रति तीर्थ यात्री वार्षिक वित्तीय सहायता देने का प्रावधान है। कैलाश मानसरोवर यात्रा योजना के तहत 50 हजार रुपये प्रति तीर्थ यात्री वार्षिक वित्तीय सहायता देने का प्रावधान किया है।

 

उन्होंने कहा कि स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा योजना के तहत श्री हजूर साहिब गुरुद्वारा (नांदेड़), श्री ननकाना साहिब, श्री हेमकुण्ड साहिब और श्री पटना साहिब जाने वाले प्रदेश के तीर्थ यात्रियों को 6 हजार रुपये प्रति तीर्थ यात्री वित्तीय सहायता दी जाती है।

 

सरकार ने गुरुद्वारा श्री चिल्ला साहिब, सिरसा को 70 कनाल भूमि देने की घोषणा की थी, इसे गुरुद्वारा साहिब को दे दिया गया है। प्रदेश में अनेक शिक्षण व स्वास्थ्य संस्थाओं, सड़कों, चौक, द्वार आदि गुरु साहिबान के नाम पर स्थापित किए गए हैं।

 

इस मौके पर पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, सीएम के मीडिया सचिव प्रवीन आत्रेय, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, हरियाणा सिंह गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी जगदीश झींडा, बीबी करतार कौर, उपाध्यक्ष धूमन सिंह किरमच, जिला परिषद चेयरपर्सन कंवलजीत कौर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।