दाल मिल पर 25 लाख व तेल शोधन इकाइयों की स्थापना पर मिलेगा 09 लाख तक अनुदान
सिरसा, 27 जुलाई।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य तिलहन मिशन (नेशनल मिशन ऑन ऑयल सीड्स) तथा दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन (मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पल्सेज) के तहत जिले में दलहन एवं तिलहन फसलों के उत्पादन, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दाल मिल तथा तेल निष्कर्षण (ऑयल एक्सट्रैक्शन) इकाइयों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
योजना के तहत पात्र किसान, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), सहकारी समितियां, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), उद्यमी एवं अन्य पात्र लाभार्थी निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत दाल मिल इकाइयों की स्थापना के लिए परियोजना लागत का 33 प्रतिशत अनुदान, प्रति इकाई अधिकतम 25 लाख रुपये तक वर्ष 2026-27 के दौरान उपलब्ध कराया जाएगा। इसी प्रकार तिलहन के संग्रहण, तेल निष्कर्षण तथा पुनः प्राप्ति क्षमता बढ़ाने के लिए सरकारी एवं निजी उद्योगों, किसान उत्पादक संगठनों तथा सहकारी समितियों को अवसंरचना विकसित करने और मौजूदा सुविधाओं के आधुनिकीकरण के लिए भी सहायता प्रदान की जाएगी। 10 टन क्षमता वाली तेल निष्कर्षण इकाइयों एवं तिलहन प्रसंस्करण मशीनरी की स्थापना पर परियोजना लागत का 33 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम 9.90 लाख रुपये तक दिया जाएगा।
रोजगार के मिलेंगे और अवसर
कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. सुखदेव सिंह कम्बोज ने बताया कि इन प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना से स्थानीय स्तर पर दलहन एवं तिलहन फसलों का मूल्य संवर्धन होगा, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा। साथ ही फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान में कमी आएगी, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और देश को दलहन तथा खाद्य तेलों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने जिले के सभी पात्र किसानों, एफपीओ, सहकारी समितियों एवं उद्यमियों से अपील की कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। इच्छुक आवेदक योजना से संबंधित पात्रता, अनुदान की दर तथा आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी के लिए 26 अगस्त 2026 तक अपने निकटतम खंड कृषि अधिकारी, उपमंडल कृषि अधिकारी अथवा कृषि उपनिदेशक कार्यालय, सिरसा से संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों की भागीदारी से जिले में कृषि आधारित प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा तथा किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य को गति मिलेगी।