रेहड़ी व फड़ संचालकों की जुबानी: पीएम स्वनिधि योजना ने संवारी रेहड़ी व फड़ संचालकों की जिंदगी
भिवानी, 25 जून। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के छह वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गुरुवार को पंचायत भवन में जिला स्तरीय पीएम स्वनिधि महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भिवानी के विधायक घनश्याम सर्राफ ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान नगर परिषद के चेयरपर्सन प्रतिनिधि भवानी प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। विधायक श्री सर्राफ ने रेहड़ी-फड़ी संचालकों एवं छोटे दुकानदारों को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के 50 हजार रूपए के ऋण को समय पर चुकाने वाले सफल लाभार्थियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में पीएम स्वनिधि योजना के तहत ऋण लेकर अपना रोजगार शुरू करने या रोजगार में विस्तार करने वाले रेहड़ी व फड़ संचालकों ने अपने विचार सांझा किए।
कार्यक्रम में विधायक घनश्याम सर्राफ ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई पीएम स्वनिधि योजना ने लाखों रेहड़ी-फड़ी संचालकों और छोटे व्यापारियों को आर्थिक मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार भी छोटे कारोबारियों के उत्थान और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए धरातल पर कार्य कर रही है। जिन लोगों के पास स्वयं का घर नहीं था, उन्हें भी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आवास उपलब्ध करवाकर आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया गया है।
नगर परिषद चेयरपर्सन प्रतिनिधि एवं पार्षद भवानी प्रताप सिंह ने अपने संबोधन से लाभार्थियों से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में पंजीकरण करवाकर उनका अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अंत्योदय के संकल्प को साकार करने का कार्य किया है।
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से टीएफआई डॉ. रश्मि शर्मा ने बताया कि जिले में अब तक लगभग 11 हजार स्ट्रीट वेंडर्स का पंजीकरण किया जा चुका है, जिनमें से 9 हजार लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है। योजना के अंतर्गत स्ट्रीट वेंडर्स को बिना किसी गारंटी के 15 हजार रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। समय पर ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को सात प्रतिशत ब्याज सब्सिडी का लाभ दिया जाता है। इसके अलावा जो लाभार्थी 50 हजार रुपये तक का ऋण समय पर चुका देते हैं, उन्हें 30 हजार रुपये तक की सीमा वाला क्रेडिट कार्ड भी उपलब्ध कराया जाता है।
एलडीएम राजन मल्होत्रा ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत उपलब्ध ऋण सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने लाभार्थियों को समय पर ऋण का भुगतान करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने लाभार्थियों को धोखाधड़ी से सतर्क रहने की सलाह दी।
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- पीएम स्वनिधि योजना ने संवारी रेहड़ी व फड़ संचालकों की जिंदगी
पीएम स्वनिधि महोत्सव में अनेक लाभार्थियों ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि इस योजना ने उनके जीवन को संवारने का काम किया है। कार्यक्रम में पहुंची शहर से पतराम गेट निवासी बबीता ने बताया कि करीब चार-पांच वर्ष पूर्व वह आर्थिक तंगी से जूझ रही थीं। उन्हें पीएम स्वनिधि योजना की जानकारी मिली। पहले 10 हजार रुपये का ऋण लेकर ब्यूटी पार्लर का कार्य शुरू किया। समय पर ऋण चुकाने के बाद उन्होंने 20 हजार रुपये और बाद में 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त किया। आज वह आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।
इसी प्रकार मंजू रानी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान वह सब्जी की रेहड़ी लगाती थीं। बाद में उन्होंने कपड़ों का व्यवसाय शुरू किया। उन्होंने 50 हजार रुपये तक का ऋण लिया है। आज वह एक सफल कपड़ा विक्रेता के रूप में है। हनुमान गेट निवासी दिव्यांगजन प्रेमनाथ ने बताया कि उन्होंने 10 हजार रुपये के ऋण से मटका निर्माण कार्य शुरू किया। समय पर ऋण चुकाने के बाद उन्होंने 20 हजार रुपये का ऋण लेकर अपने व्यवसाय का विस्तार किया है जो सही चल रहा है। स्थानीय हनुमान ढाणी निवासी साधना, जो अंडे एवं फास्ट फूड की रेहड़ी लगाती हैं, ने बताया कि उन्होंने 10 हजार रुपये का ऋण की शुरुआत की थी और समय पर किश्त आदयगी 20 हजार रुपये का ऋण लेकर अपनी स्वयं की रेहड़ी खरीदी तथा वर्तमान में 50 हजार रुपये के ऋण की सहायता से सिलाई कार्य भी कर रही हैं। गांव कोंट निवासी भगवती प्रसाद तथा बीरवान पाना से विनोद कुमार ने बताया कि उन्होंने फल बेचने का कार्य शुरू किया। उन्होंने 50 हजार रुपये के ऋण के लाभार्थी बन चुके हैं और सफलतापूर्वक अपना व्यवसाय चला रहे हैं।
भारत नगर निवासी सतपाल सिंह ने बताया कि वह पहले किराये की रेहड़ी पर मक्का बेचने का कार्य करते था। उन्होंने 10 हजार रुपये के ऋण से शुरुआत की और समय पर ऋण चुकाने के बाद 20 हजार तथा 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त किया। आज उन्होंने अपनी स्वयं की रेहड़ी खरीद ली है। इसी प्रकार से सुनीता ने बताया कि पीएम स्वनिधि योजना के तहत लिए गए ऋण सहायता से उन्होंने चाय की दुकान का कार्य कर अपना जीवन निर्वाह कर रही है। पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों ने कहा कि इस योजना ले उनके जीवन में उजाला लाने का काम किया है। इस योजना से उनके परिवार का पालन-पोषण सही ढ़ंग से हो रहा है।