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युवा पीढ़ी को संत कबीर की शिक्षाओं से जोड़ने के लिए राज्य स्तर पर मनाई जा रही संत कबीर जयंती - राज्यपाल

 

चंडीगढ़, 26 जुलाई - हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा संत कबीर जयंती  राज्य स्तर पर मनाई जाती है ताकि समाजविशेषकर युवा पीढ़ीमहान संत कबीर की कालजयी शिक्षाओं को समझेआत्मसात करे और उन्हें अपने जीवन में अपनाए। उन्होंने कहा कि संत कबीर का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक हैजितना उनके जीवनकाल में थाऔर भविष्य में भी मानवता का पथ-प्रदर्शन करता रहेगा।

 

राज्यपाल आज चंडीगढ़ में सद्गुरु कबीर महासभा द्वारा आयोजित संत कबीर प्रकाश उत्सव के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।

 

राज्यपाल ने लोगों से संत कबीर की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने का आह्वान करते हुए सत्य के मार्ग पर चलनेमानव सेवा को जीवन का उद्देश्य बनानेशिक्षा एवं नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देनेपर्यावरण संरक्षण करनेमहिलाओं का सम्मान सुनिश्चित करनेनशा-मुक्त समाज के निर्माणसामाजिक सद्भाव को सुदृढ़ बनाने तथा राष्ट्र की एकताअखंडता और प्रगति में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लेने का आग्रह किया।

 

सभा को संत कबीर के श्रद्धालुओं एवं अनुयायियों का 'महाकुंभबताते हुए प्रो. घोष ने कहा कि संत कबीर ने भले ही किसी विश्वविद्यालय से औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं की थीलेकिन उनके पास जीवन के अनुभवआध्यात्मिक अनुभूति और गहन चिंतन से अर्जित अद्वितीय ज्ञान था। उनका मानना था कि सच्चा ज्ञान केवल पुस्तकों से नहींबल्कि प्रेमआत्मबोध और सदाचरण से प्राप्त होता है।

 

राज्यपाल ने कहा कि संत कबीर ने ऐसे समाज की परिकल्पना की थीजहाँ व्यक्ति की पहचान उसकी जातिपंथक्षेत्र या सामाजिक स्थिति से नहींबल्कि उसके चरित्रसद्गुणों और मानवीय मूल्यों से हो। उन्होंने सामाजिक कुरीतियोंधार्मिक रूढ़ियों और भेदभाव का निर्भीकता से विरोध करते हुए समानतासामाजिक समरसता और मानवीय गरिमा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संत कबीर की यही सार्वभौमिक एवं समावेशी दृष्टि उन्हें पूरे देश में सम्मान दिलाने का आधार बनी और उनकी शिक्षाओं को कालातीत बना गई।

 

प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि संत कबीर की शिक्षाएं आज भी गरीबों के कल्याणसामाजिक न्याय की स्थापना तथा सामाजिक विषमताओं को दूर करने के प्रयासों को निरंतर प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि इन आदर्शों को आत्मसात करना तथा करुणासमानतापारस्परिक सम्मान और मानवीय गरिमा पर आधारित समाज के निर्माण में योगदान देना प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है।

 

इस अवसर पर हरियाणा की प्रथम महिला श्रीमती मित्रा घोषचंडीगढ़ के महापौर श्री सौरभ जोशीसंजय टंडनहरियाणा के पूर्व मंत्री श्री अनूप धानकहरियाणा राज्य सूचना आयुक्त श्री अमरजीत सिंह सोलंकीसद्गुरु कबीर महासभा के अध्यक्ष श्री सुरजीत सिंह प्रधानभाजपा चंडीगढ़ के अध्यक्ष श्री जतिंदर पाल मल्होत्रा सहित सद्गुरु कबीर महासभा के अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।