अनुसूचित जाति के नागरिकों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान में बेहद अहम है प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना : उपायुक्त
हिसार, 22 जुलाई।
उपायुक्त महेंद्र पाल ने कहा है कि प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की एक प्रमुख योजना है। इसका उद्देश्य अनुसूचित जाति समुदाय के लोगों का सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास करना तथा उनकी आय और जीवन स्तर में सुधार लाना है। बुधवार को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आयोजित बैठक में उन्होंने यह बात की।
उपायुक्त ने कहा कि योजना के तहत अनुसूचित जाति परिवारों की आय बढ़ाने के लिए आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना, बुनियादी सुविधाओं और सामुदायिक परिसंपत्तियों का विकास, विभिन्न सरकारी योजनाओं का अभिसरण कर लाभार्थियों तक अधिक प्रभावी ढंग से लाभ पहुंचाना, अनुसूचित जाति समुदाय को आत्मनिर्भर बनाना और गरीबी कम करना योजना के प्रमुख लक्ष्य हैं।
बैठक के दौरान जिला कल्याण अधिकारी दीपिका सारसर ने उपायुक्त को अवगत करवाया कि हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम तथा बैंकों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को विभिन्न व्यवसायों के लिए ऋण प्रदान भी किया जाता है। इसके लिए डेयरी, सिलाई, कढ़ाई एवं बुटीक, मोबाइल रिपेयरिंग, कंप्यूटर, साइबर कैफे एवं डिजिटल सेवा केंद्र, किराना, जनरल स्टोर एवं अन्य छोटी दुकानें, रेडीमेड गारमेंट्स या कपड़े का व्यवसाय, फर्नीचर निर्माण, वेल्डिंग, फैब्रिकेशन एवं मशीन वर्क, बढ़ईगीरी, प्लंबिंग, इलेक्ट्रिशियन कार्य, मोटर मैकेनिक एवं दोपहिया/चारपहिया वाहन रिपेयरिंग, फूड प्रोसेसिंग, बेकरी एवं मसाला निर्माण आदि कार्यों के लिए ऋण प्रदान किया जाता है। उपायुक्त ने बैठक में हिदायत दी कि मुख्यालय से व्यवसायों के लिए ऋण प्रदान करने के लिए लाभार्थियों की संख्या को बढ़ाया जाए ताकि वे अपना स्वरोजगार स्थापित कर अपने पैरों पर खड़े हो सकें।
बैठक में डिप्टी सीईओ कीर्ति सिरोहीवाल, जिला कल्याण अधिकारी दीपिका सारसर आदि मौजूद रहे।