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   पॉक्सो अधिनियम बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रभावी एवं संवेदनशील कानून: सीजेएम पवन कुमार

 

भिवानी, 28 जुलाई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) भिवानी डॉ. गगनदीप कौर सिंह के मार्गदर्शन में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव डीएलएसए पवन कुमार ने राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बवानी खेड़ा में बाल लैंगिक अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012 विषय पर आयोजित विधिक जागरूकता शिविर को संबोधित किया। कार्यक्रम में सीजेएम पवन कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की तथा विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
सीजेएम पवन कुमार ने कहा कि पॉक्सो अधिनियम बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने वाला एक प्रभावी एवं संवेदनशील कानून है। उन्होंने विद्यार्थियों को अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, अपराधों की जांच प्रक्रिया, दोषियों के लिए निर्धारित दंड तथा पीड़ित बच्चों को उपलब्ध नि:शुल्क कानूनी सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु का प्रत्येक व्यक्ति कानून की दृष्टि में बच्चा है और ऐसे मामलों में नाबालिग की सहमति का कोई कानूनी महत्व नहीं होता।
पैनल अधिवक्ता अनुराधा खनगवाल, बाल कल्याण अधिकारी संदीप एवं अधिकार मित्र पायल ने पॉक्सो अधिनियम के तहत अनिवार्य सूचना देने के प्रावधानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यदि किसी बच्चे के साथ यौन अपराध होने की जानकारी या संदेह हो तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस अथवा संबंधित प्राधिकारी को देना प्रत्येक नागरिक का कानूनी दायित्व है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बच्चों के अधिकारों, उनकी सुरक्षा तथा किसी भी प्रकार के लैंगिक अपराध की स्थिति में तत्काल सहायता लेने के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्राचार्य ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भिवानी का आभार व्यक्त किया। शिविर में डीएलएसए के प्रतिनिधियों, विद्यालय स्टाफ तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया।