1857 के अमर शहीदों को नमन- अम्बाला छावनी में एशिया के सबसे बड़े शहीद स्मारक का उद्घाटन करेंगे पीएम नरेंद्र मोदी
May 10, 2026, 23:37 IST
चंडीगढ़, 10 मई- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने 10 मई 1857 को आजादी की पहली लड़ाई के आरंभ होने के दिवस पर शहीदों को नमन किया है और बताया कि अम्बाला छावनी में 1857 की लड़ाई में शहीदों को नमन करने हेतु सबसे बड़ा शहीदी स्मारक का निर्माण किया गया है, जिसका शीघ्र ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी उद्घाटन करेंगे।
श्री विज ने यह जानकारी आज एक्स (पहले टवीटर) पर सांझा की और बताया कि ‘‘आज 10 मई है आज के ही दिन 1857 में आजादी की पहली लड़ाई आरम्भ हुई थी जिसमें देश भर में जगह जगह अंग्रेजों के साथ सशस्त्र संघर्ष हुआ और मां भारती के अनेकों लालों ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए । मैं उन तमाम वीरों को अपने श्रद्धा सुमन प्रस्तुत करता हूं । उनको श्रद्धांजलि देने के लिए अम्बाला छावनी में एशिया का सबसे बड़ा एक शहीदी स्मारक बनाया गया है जिसका शीघ्र ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी उद्घाटन करेंगे’’।
उल्लेखनीय है कि अम्बाला छावनी में 1857 में आजादी की पहली लड़ाई के वीर शहीदों की याद में शहीदी स्मारक का निर्माण 700 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। शहीदी स्मारक बनकर तैयार हो चुका है जिसमें इस लड़ाई से संबंधित संपूर्ण इतिहास को विभिन्न माध्यमों से प्रदर्शित किया जाएगा। शहीदी स्मारक में 63 मीटर ऊंचा कमल के आकार का मेमोरियल टॉवर भी बनाया गया है जिस पर रात्रि के समय लाइट एंड साउंड शो प्रदर्शित किया जाएगा। मेमोरियल टॉवर के ठीक समक्ष दो हजार लोगों के बैठने वाली दर्शक दीर्घा भी होगी।
श्री विज ने यह जानकारी आज एक्स (पहले टवीटर) पर सांझा की और बताया कि ‘‘आज 10 मई है आज के ही दिन 1857 में आजादी की पहली लड़ाई आरम्भ हुई थी जिसमें देश भर में जगह जगह अंग्रेजों के साथ सशस्त्र संघर्ष हुआ और मां भारती के अनेकों लालों ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए । मैं उन तमाम वीरों को अपने श्रद्धा सुमन प्रस्तुत करता हूं । उनको श्रद्धांजलि देने के लिए अम्बाला छावनी में एशिया का सबसे बड़ा एक शहीदी स्मारक बनाया गया है जिसका शीघ्र ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी उद्घाटन करेंगे’’।
उल्लेखनीय है कि अम्बाला छावनी में 1857 में आजादी की पहली लड़ाई के वीर शहीदों की याद में शहीदी स्मारक का निर्माण 700 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। शहीदी स्मारक बनकर तैयार हो चुका है जिसमें इस लड़ाई से संबंधित संपूर्ण इतिहास को विभिन्न माध्यमों से प्रदर्शित किया जाएगा। शहीदी स्मारक में 63 मीटर ऊंचा कमल के आकार का मेमोरियल टॉवर भी बनाया गया है जिस पर रात्रि के समय लाइट एंड साउंड शो प्रदर्शित किया जाएगा। मेमोरियल टॉवर के ठीक समक्ष दो हजार लोगों के बैठने वाली दर्शक दीर्घा भी होगी।